पटना, 03 अप्रैल 2025: बिहार सरकार के राजस्व और भूमि सुधार विभाग के मंत्री श्री संजय सरावगी ने कहा कि भूमि सर्वे में स्वघोषणा के साथ जमीन के सभी कागजात संलग्न करना अनिवार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि रैयतों को केवल उतने कागजात संलग्न करने की आवश्यकता है, जितने उनके पास उपलब्ध हैं। शेष कागजात का इंतजाम किस्तवार एवं खानापूरी के समय तक किया जा सकता है। इससे राज्य के जमीन मालिक बेहतर तरीके से भूमि सर्वे में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।
श्री सरावगी आज पुराना सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में सर्वे निदेशालय के अधिकारियों के साथ भूमि सर्वे की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान विभाग के सचिव श्री जय सिंह भी बैठक में उपस्थित थे। बैठक में स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर चर्चा की गई, साथ ही तिथि बढ़ाने से उत्पन्न होने वाली तकनीकी और विधिक कठिनाइयों पर भी विचार किया गया।
समीक्षा के दौरान मंत्री को सर्वे निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि 31 मार्च तक कुल 1,15,00,916 स्वघोषणा प्राप्त हो चुकी हैं, जिसमें रैयतों द्वारा शिविरों में जमा किए गए ऑफलाइन और निदेशालय की वेबसाइट पर जमा किए गए ऑनलाइन स्वघोषणाएं दोनों शामिल हैं। इसमें दूसरे चरण में शुरू किए गए 36 जिलों के सभी 445 अंचलों में रैयतों द्वारा जमा की गई स्वघोषणा की संख्या भी जोड़ी गई है।
इस दौरान कुछ जिलों में स्वघोषणा की संख्या कम होने पर श्री सरावगी ने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को खराब प्रदर्शन वाले जिलों और सर्वे शिविरों को चिन्हित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन जिलों और शिविरों में अगले 15 दिनों में सुधार नहीं हुआ, तो उन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी।
बातचीत में यह भी सामने आया कि पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिले के कुछ अंचलों में स्वघोषणा की संख्या सबसे कम रही। उदाहरण स्वरूप, बेतिया अंचल में केवल 187 स्वघोषणा प्राप्त हुई हैं, जबकि पिपरासी अंचल में यह संख्या 524 रही। दूसरी ओर, अररिया और दरभंगा जिलों में स्वघोषणा की संख्या काफी अच्छी रही, जिसमें अररिया सदर अंचल ने 1,36,777 स्वघोषणा प्राप्त की, और दरभंगा के बिरौल शिविर में 1,14,067 स्वघोषणा प्राप्त हुई।
इसके अलावा, मंत्री ने बताया कि सर्वर की खराबी के कारण भूमि सर्वे में प्रगति में देरी हो रही है, और इस समस्या का समाधान तेजी से किया जा रहा है। निदेशालय की आईटी टीम ने सभी 9 प्रमंडलों का डेटा अलग करने के बाद अब स्वघोषणा ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का काम शुरू किया है।
संतोष श्रीवास्तव “अंजान जी”