जोखिम भरी रिपोर्टिंग और मर्यादा की कसौटी

-संतोष श्रीवास्तव, मुख्य संपादक सह प्रकाशक धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और जन-आक्रोश किसी भी जीवंत लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। ऐसे संवेदनशील…

INDI गठबंधन में बढ़ती दरार और 2027 का चुनावी रण: बिखरता कुनबा या बीजेपी के लिए आसान राह?

-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट देश की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर आ खड़ी है जहाँ हर छोटी हलचल…

उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों पर मानसिक दबाव और आरक्षण व्यवस्था: गहराते संकट की पड़ताल

-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट अकादमिक तनाव, सामाजिक अलगाव और कमजोर काउंसलिंग तंत्र के बीच पिसते छात्र, व्यापक सुधार की मांग…

जमुई कांड का ‘गुप्तचित्र’: बिहार के सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए सबसे बड़ा सबक

-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट सतही बयानबाजी से इतर व्यवस्था की नब्ज: सत्ता के लिए प्रशासनिक सर्जरी का मौका, विपक्ष के…

शिक्षक दिवस: जब शिक्षा संस्कार से जुड़ती है, तभी समाज का भविष्य संवरता है

– संतोष श्रीवास्तव, मुख्य संपादक सह प्रकाशक सिर्फ सम्मान और समारोह नहीं, शिक्षक की गरिमा, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी पर भी…

हिमालय की चीख: जलवायु संकट में नेपाल की अंतहीन त्रासदी

 – संतोष श्रीवास्तव, मुख्य संपादक सह प्रकाशक सुनामी या ग्लोबल वार्मिंग-प्रकृति का प्रकोप या हमारी नीतियों की विफलता? सम्पादकीय :…

आरक्षण के बीच एक अलग विश्वविद्यालय का सवाल

– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट महिला विश्वविद्यालय की तर्ज पर दलित विश्वविद्यालय की मांग-क्या इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को…

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