बिहार में 10 वर्षों में रिकॉर्ड 1.46 करोड़ शौचालयों का हुआ निर्माण

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पटना, 01 अप्रैल, 2025: बिहार ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण और स्वच्छता के क्षेत्र में बड़ी सफलता प्राप्त की है। राज्यभर में वर्ष 2014 से अब तक लगभग 10 वर्षों में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत 1 करोड़ 46 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है। यह अभियान राज्य के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित किया गया, और इसके तहत शौचालयों की उपलब्धता और उपयोगिता को बढ़ावा दिया गया है। ग्रामीण इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा उठाव के लिए एक लाख से अधिक रिक्शों का हो रहा इस्तेमाल।

शौचालय निर्माण से ग्रामीण जीवन में आया बदलाव

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के “सात निश्चय-1” के तहत शौचालय निर्माण को घर का सम्मान के रूप में देखा गया। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के प्रथम चरण (2014-15 से 2019-20) में राज्य के 122.15 लाख परिवारों के लिए व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए। इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सुलभता को बढ़ावा देने के लिए सभी परिवारों को 12,000 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, अब तक 9,824 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का निर्माण भी किया गया है।

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के द्वितीय चरण (2021-22 से 2025-26) के तहत 24.70 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है। इस तरह पिछले 10 वर्षों में कुल 1.46 करोड़ से अधिक व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है।

खुले में शौच मुक्त हुआ बिहार, 8 लाख और शौचालय का होगा निर्माण

बिहार को पूर्ण रूप से स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से केंद्र प्रायोजित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और राज्य वित्त पोषित लोहिया स्वच्छता योजना को एकीकृत करके लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान चलाया जा रहा है। इसके द्वितीय चरण के तहत 2025-26 वित्तीय वर्ष में 8 लाख नए शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, ताकि जिन परिवारों को अभी तक शौचालय नहीं मिला है, उन्हें यह सुविधा प्राप्त हो सके। इसके साथ ही, ग्रामीण अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 1 लाख से अधिक रिक्शों का उपयोग किया जा रहा है। भूमिहीन परिवारों, चलंत आबादी और अस्थायी आबादी को शौचालय की सुविधा देने के लिए सामुदायिक स्वच्छता परिसर और क्लस्टर शौचालयों का निर्माण किया जाएगा।

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से ग्रामीण अपशिष्टों का हो रहा निपटान

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से बिहार न केवल खुले में शौच मुक्त हुआ है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिली है। यह पहल राज्य को स्वच्छता के नए मानकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूती प्रदान की जाएगी।


संतोष श्रीवास्तव “अंजान जी”

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