पटना, 03 अप्रैल 2025: बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने राज्य के विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और प्रोत्साहन के लिए चलाए जा रहे विभिन्न छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना है।
विभाग द्वारा संचालित प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत प्राप्त लाभ इस प्रकार हैं:
- मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग 56 लाख 18 हजार छात्रों को कुल 619 करोड़ रुपये का लाभ प्रदान किया गया। वहीं, 2024-25 में यह संख्या घटकर लगभग 33 लाख 41 हजार छात्रों तक पहुंची, जिन्हें अब तक 358 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। - मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना
इस योजना में 2023-24 में लगभग 2 लाख 10 हजार छात्रों को 110 करोड़ रुपये का लाभ मिला। 2024-25 में अब तक लगभग 1 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, और प्रक्रिया जारी है। - मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना
2023-24 में इस योजना के तहत लगभग 1 लाख छात्रों को 100 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। 2024-25 में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर लगभग 1 लाख 10 हजार हो गई है, जिनको अब तक 110 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है। - मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना
इस योजना में वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग 75 हजार छात्रों को 75 करोड़ रुपये का लाभ मिला। 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 77 हजार हो गई है, और इन छात्रों को 77 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार, राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर वर्गों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखे हुए है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
संतोष श्रीवास्तव “अंजान जी”