– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
बिरसा चौक पर सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन, कानून वापस लेने की मांग
बोकारो, 23 अगस्त। महाराणा प्रताप विचार मंच, बोकारो की अगुवाई में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में नया मोड़ स्थित बिरसा चौक पर यूजीसी के कथित “काले कानून 2026” के विरोध में जनाक्रोश कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष रंजेश कुमार सिंह ने की। प्रदर्शन में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने यूजीसी कानून 2026 को वापस लेने की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन स्थल पर बैनर, पोस्टर, नारे और माइक के माध्यम से वक्ताओं ने केंद्र सरकार से कानून पर पुनर्विचार करने तथा सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।
विभिन्न संगठनों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में संपूर्ण विप्र समाज, मिथिला समाज, चित्रगुप्त परिवार, कायस्थ समाज, ब्रह्मर्षि समाज, बाबू वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव समिति, बोकारो राजपूताना परिवार, आदर्श क्षत्रिय परिवार, परशुराम सेवा समिति, भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच, ब्राह्मण युवा मंच, ब्रह्मर्षि युवा मंच, क्षत्रिय गौरव मंच और बाबू वीर कुंवर सिंह विचार मंच सहित विभिन्न संगठनों की भागीदारी रही।
आयोजकों की ओर से जारी विज्ञप्ति में संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए समाज के सभी वर्गों के लिए समानता के अधिकार की बात कही गई। वक्ताओं ने आशंका जताई कि प्रस्तावित प्रावधानों से सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के हित प्रभावित हो सकते हैं और शिक्षण संस्थानों में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
व्यापक आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज ने जनाक्रोश कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांग को लेकर आंदोलन का प्रारंभिक संदेश दिया है। उन्होंने सरकार से समुचित एवं यथोचित कदम उठाने की मांग की। आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो व्यापक संघर्ष और आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रंजेश कुमार सिंह, मृगेंद्र प्रताप सिंह, उदय कुमार सिंह, गौतम कुमार सिंह, शशिकांत सिंह, अखिलेश सिंह, रास नारायण सिंह, नागेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, हरिनारायण सिंह, राजेश्वर सिंह, कुंज बिहारी पाठक, संत सिंह, अभिषेक सिंह, हरेराम मिश्रा, भैया आरएन ओझा, मृत्युंजय शर्मा, मिंटू झा, शंकर सिंह, राजा जनक, राजीव सिंह, मुकेश सिंह, कुणाल, विक्रम, विनोद सिंह, मनीष सिंह, अरुण तिवारी और गिरीश सिंह सहित अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

