वेदांता ने 85 मिलियन घन मीटर जल पुनर्चक्रण का रिकॉर्ड बनाया

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

नई दिल्ली, 20 मार्च 2026

विश्व जल दिवस के अवसर पर Vedanta Limited ने जल संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वित्त वर्ष 2026 (फरवरी तक) में 85 मिलियन घन मीटर से अधिक जल का पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग करने की घोषणा की है। यह मात्रा 34,000 से अधिक ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के बराबर बताई गई है।

वैश्विक स्तर पर 2030 तक संभावित जल संकट की चुनौती के बीच कंपनी ने तकनीक आधारित मजबूत जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया है।

जल प्रबंधन रणनीति के तीन स्तंभ:

  • रिसाइकिल: उपचारित जल का दोबारा उपयोग
  • संरक्षण: प्रक्रियाओं में सुधार कर जल खपत कम करना
  • पुनर्भरण: जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना

कंपनी ने 31% जल पुनर्चक्रण दर हासिल की है, जो जल-गहन उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

तकनीक और नवाचार से बचत:
वेदांता अपने विभिन्न परिचालनों में उन्नत तकनीकों का उपयोग कर जल दक्षता बढ़ा रहा है।

  • BALCO में कूलिंग टॉवर जल के पुनः उपयोग से प्रतिदिन हजारों घन मीटर की बचत
  • मीणाक्षी एनर्जी में 100% समुद्री जल का उपयोग
  • क्लोज्ड-लूप वाटर मैनेजमेंट सिस्टम का प्रयोग

सामुदायिक स्तर पर पहल:
विश्व जल दिवस 2026 की थीम के अनुरूप कंपनी ने जल संरक्षण को सामाजिक विकास से जोड़ा है।

  • 225 से अधिक गांवों में WASH कार्यक्रम
  • 10.5 लाख से अधिक लोगों को लाभ
  • सोलर बोरवेल और RO प्लांट से स्वच्छ जल आपूर्ति

मुख्य उपलब्धियां:

  • 7 मिलियन घन मीटर से अधिक जल संरक्षण/पुनर्भरण
  • वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
  • तालाबों का पुनर्जीवन और भूजल रिचार्ज

ईएसएल स्टील का योगदान:
ESL Steel Limited ने भी जल प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है—

  • फ्रेशवॉटर उपयोग में 6% कमी
  • 32% जल पुनर्चक्रण क्षमता
  • 575 केएलडी क्षमता वाले 5 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित
  • तालाबों के पुनर्जीवन से ग्रामीणों को लाभ

नेतृत्व की प्रतिक्रिया:
डिप्टी सीईओ Ravish Sharma ने कहा कि जल संरक्षण कंपनी की सतत विकास रणनीति का अहम हिस्सा है और औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता है।

राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता:
वेदांता की जल प्रबंधन पहलों को नीति आयोग द्वारा भी सराहा गया है, जहां इसकी इकाई को “वॉटर पॉजिटिविटी” प्रमाणन मिला है।

आगे की योजना:
कंपनी ने 2030 तक पूर्ण रूप से “नेट वाटर पॉजिटिव” बनने का लक्ष्य तय किया है, जिसके लिए तकनीक, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।