Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना | 05 जनवरी 2026
राज्य की बहुप्रतीक्षित और महत्त्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाथ कोयल जलाशय परियोजना, मंडई वीयर परियोजना तथा बटारपुर–ताजपुर इनफील्ड पुल परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और भावी कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों से परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण किया जाए। यह भी कहा गया कि ये परियोजनाएं मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और निकट भविष्य में मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इनका निरीक्षण किया जाना है, इसलिए कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु
- परियोजनाओं की प्रगति, अब तक हुए कार्य और आगामी कार्ययोजना की प्रस्तुति
- कार्य के दौरान आ रही तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं की पहचान
- समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभागों के बीच समन्वय पर बल
- समयबद्ध निर्णय और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
नाथ कोयल जलाशय परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि वे स्वयं आगामी सप्ताह में इस परियोजना का फील्ड विजिट कर स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने संबंधित विभाग और जलाधिकारियों को निर्देश दिया कि चूंकि यह परियोजना मुख्यमंत्री की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल है, इसलिए जिला और विभागीय स्तर पर इसका नियमित निरीक्षण किया जाता रहे, ताकि किसी भी स्तर पर शिथिलता न हो।
मंडई वीयर परियोजना के संबंध में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी रैयतों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी से कार्य प्रभावित होता है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि भुगतान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चलती रहे, ताकि परियोजना का कार्य बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा हो सके।
ताजपुर–बटारपुर इनफील्ड पुल परियोजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली। विभाग द्वारा बताया गया कि परियोजना के लिए साप्ताहिक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और कार्य उसी के अनुरूप प्रगति पर है। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि जनस्थलों पर भूमि अधिग्रहण से संबंधित समस्याओं का समाधान कर लिया गया है, जिससे अब कार्य में कोई बड़ी बाधा नहीं है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल
- योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव मयंक वरवड़े
- पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाल
- बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDC) के प्रबंध निदेशक शशांक कपिल अशोक
- वित्त विभाग की सचिव (व्यय) रचना पाटिल
- WAPCOS के प्रतिनिधि
- विभिन्न विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय, नियमित निगरानी और समयबद्ध निर्णय के माध्यम से इन परियोजनाओं को शीघ्र और सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के विकास को नई गति मिल सके।
