अमेरिका–इज़राइल हमलों के बाद बेंजामिन नेतन्याहू का दावा: ख़ामेनेई की स्थिति पर भ्रम, ईरान ने कहा ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

तेल अवीव/तेहरान | 1 मार्च 2026

शनिवार देर रात United States और Israel द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की स्थिति को लेकर परस्पर विरोधी दावे सामने आए हैं।

इज़राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि “कई संकेत” मिल रहे हैं कि ख़ामेनेई “अब जीवित नहीं हैं।” उन्होंने दावा किया कि हमले Tehran में उच्च-मूल्य सैन्य और नेतृत्व से जुड़े ठिकानों पर केंद्रित थे। हालांकि, उन्होंने अपने बयान के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

ईरान ने दावे को खारिज किया

Iran के अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सर्वोच्च नेता सुरक्षित और जीवित हैं। तेहरान ने इज़राइल के बयान को “मनोवैज्ञानिक युद्ध” करार दिया और कहा कि देश की नेतृत्व संरचना पूरी तरह सक्रिय है।

सरकारी मीडिया ने संकेत दिया था कि ख़ामेनेई राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई आधिकारिक टेलीविज़न संदेश प्रसारित नहीं हुआ था।

क्षेत्रीय तनाव में तेज़ उछाल

सैन्य सूत्रों के अनुसार, तेहरान और आसपास के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइली क्षेत्र और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

तेज़ी से बढ़ते इस टकराव ने व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को बढ़ा दिया है। प्रमुख वैश्विक शक्तियों के बीच आपात कूटनीतिक बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं।

स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं

अब तक ऐसी कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है जिससे यह सिद्ध हो सके कि ख़ामेनेई की मृत्यु हुई है या वे घायल हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि सक्रिय संघर्ष की परिस्थितियों में शुरुआती दावों-विशेषकर सीधे तौर पर शामिल पक्षों के-को सावधानी से परखना आवश्यक होता है।

ख़ामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता पद पर आसीन हैं और देश की सेना, न्यायपालिका तथा रणनीतिक नीतियों पर अंतिम अधिकार रखते हैं। उनकी स्थिति को लेकर अनिश्चितता ईरान की राजनीतिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

आगे क्या?

आने वाले घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यदि सार्वजनिक उपस्थिति, आधिकारिक चिकित्सीय बयान या किसी तटस्थ अंतरराष्ट्रीय स्रोत से पुष्टि सामने आती है, तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

तब तक मध्य-पूर्व में हालात तनावपूर्ण और अनिश्चित बने हुए हैं।

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