Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज नवादा जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत हरदिया पंचायत के चिरैला गांव में विभिन्न विकास योजनाओं, जलापूर्ति परियोजनाओं, मत्स्य पालन मॉडल, स्वास्थ्य केंद्र और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनता, छात्रों, जीविका दीदियों और अधिकारियों से कई मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद किया।
विद्यालय परिसर का निरीक्षण, छात्रों से संवाद
मुख्यमंत्री ने उत्क्रमित उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय चिरैला का भ्रमण किया और नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक छात्रावास के छात्रों से आवास, शिक्षा व सुविधाओं की जानकारी ली।
कराटे प्रशिक्षण ले रही छात्राओं से भी उन्होंने बातचीत की और उन्हें मेहनत से पढ़ने व आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा—“आप ही भारत का भविष्य हैं। आपकी प्रत्येक जरूरत सरकार पूरी करेगी।”

जीविका दीदियों को 1.29 करोड़ का ऋण-संबंधी सांकेतिक चेक प्रदान
विद्यालय परिसर में लगाए गए समाज कल्याण, शिक्षा विभाग और जीविका समूहों के स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।
इस अवसर पर 137 स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न बैंकों से प्राप्त 1 करोड़ 29 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया गया।
जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जीविका समूह से महिलाओं का मनोबल बढ़ा है और अब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सराहना
लाभार्थियों ने वृद्धा पेंशन, विधवा/विकलांग पेंशन में बढ़ोतरी, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली, गंगा जल को शुद्ध पेयजल के रूप में घर-घर पहुंचाने तथा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका व आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने हरदिया स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का दौरा किया और दवा उपलब्धता, चिकित्सकों की तैनाती तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं की विस्तार से जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य परामर्श और संतुलित आहार लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के मानदेय को 8,000 से बढ़ाकर 16,000 रुपये किए जाने पर लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।
फ्लोटिंग सोलर प्लांट और मत्स्य पालन मॉडल का किया अवलोकन
रजौली के फुलवरिया जलाशय में लग रहे 10 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की प्रगति की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि सौर पैनल के लिए केवल 30 एकड़ क्षेत्र का उपयोग होगा, जबकि शेष जलक्षेत्र पहले की तरह मत्स्य पालन और अन्य गतिविधियों के लिए उपलब्ध रहेगा।
फुलवरिया जलाशय में आधुनिक 182 फीट केज फिशिंग मॉडल का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।
बताया गया कि जहां पहले बिहार के जलाशयों में औसत उत्पादन 1 kg/हेक्टेयर/वर्ष था, वहीं फुलवरिया जलाशय में अब उत्पादन 100 kg/हेक्टेयर/वर्ष पहुंच चुका है—जो राष्ट्रीय औसत 20 kg से कहीं अधिक है।
औद्योगिक क्षेत्र विकास हेतु 220.48 एकड़ भूमि चिन्हित
फुलवरिया जलाशय के समीप प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया।
यहां कुल 220.48 एकड़ भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई है, जिसमें 81 एकड़ सरकारी भूमि है और शेष 139.48 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
फुलवरिया जलाशय: पर्यटन और सिंचाई दोनों का केंद्र
तिलैया नदी पर स्थित यह जलाशय तीन ओर पहाड़ियों से घिरा है, जो इसे आकर्षक पर्यटन स्थल बनाता है।
जलाशय से रजौली, सिरदला और नरहट प्रखंडों में नहरों के माध्यम से व्यापक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना से 9,191 घर हो रहे लाभान्वित
109.987 करोड़ की लागत से क्रियान्वित रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत फुलवरिया जलाशय के पानी को फिल्टर कर 10 पंचायतों के 89 वार्डों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।
इससे 9,191 परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, जहां भूजल में फ्लोराइड की अधिकता के कारण स्वच्छ जल आपूर्ति अत्यंत आवश्यक थी।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस दौरान अन्य वरीय अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, विधायक विभा देवी, विमल राजवंशी, विनीता मेहता, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार अन्य वरीय अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
