– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
पदभार ग्रहण करते ही विकास योजनाओं, टीबी मुक्त भारत अभियान और पुनौरा धाम मंदिर निर्माण परियोजना की प्रगति का लिया जायजा
पटना/सीतामढ़ी, 23 जुलाई। सीतामढ़ी की नव पदस्थापित उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्वेता भारती (आईएएस) ने पदभार ग्रहण करने के बाद समाहरणालय के विमर्श कक्ष में अपनी पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मियों से परिचय प्राप्त करते हुए जिले में संचालित विकास योजनाओं तथा प्रशासनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का क्रियान्वयन गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग बेहतर समन्वय स्थापित कर अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।

इसके बाद श्वेता भारती ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। इस बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) एवं कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) भी उपस्थित रहे। उन्होंने अभियान की प्रगति का आकलन करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
पदभार ग्रहण करने के पहले ही दिन उप विकास आयुक्त ने पुनौरा धाम मंदिर निर्माण परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर परियोजना की भौतिक प्रगति का जायजा लिया तथा निर्माण एजेंसी आहलूवालिया कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना का कार्य तय मानकों के अनुरूप निर्धारित अवधि में पूरा किया जाना चाहिए।
श्वेता भारती ने स्पष्ट किया कि जिले में संचालित सभी विकास योजनाओं एवं आधारभूत संरचना से संबंधित परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए आमजन को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

