Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
बोकारो | 21 जनवरी 2026
शेयर बाजार में वेदांता लिमिटेड ने निवेशकों को चौंकाते हुए नई ऊंचाइयों को छू लिया है। कंपनी के शेयरों में आई तेज़ी ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी कीमतों में मजबूती और कंपनी के प्रस्तावित डीमर्जर को लेकर बनी सकारात्मक धारणा ने वेदांता को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि वेदांता को आने वाले वर्षों में एल्युमीनियम, जिंक और सिल्वर की बढ़ती कीमतों से सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा। हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो एल्युमीनियम और जिंक की कीमतों में 8 से 12 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है, जबकि चांदी ने लगभग 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय छलांग लगाई है।
ब्रोकरेज की प्रमुख राय और अनुमान
- कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के अनुसार
- साल 2027 तक वेदांता की आय में एल्युमीनियम और जिंक का योगदान सबसे अधिक होगा
- शेयर की फेयर वैल्यू 780 आंकी गई
- मौजूदा बाजार परिस्थितियों में 965 तक पहुंचने की संभावना
- नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का आकलन
- ऑपरेटिंग लेवरेज का सकारात्मक असर
- तिमाही मुनाफे में 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव
डीमर्जर से खुलेगी असली वैल्यू
वेदांता के प्रस्तावित डीमर्जर को लेकर भी बाजार में खासा उत्साह है। अनुमान है कि यह प्रक्रिया साल 2026 की चौथी तिमाही में शुरू होकर 2027 की पहली तिमाही तक पूरी हो जाएगी। डीमर्जर के बाद कंपनी की अलग-अलग इकाइयों की वास्तविक आर्थिक क्षमता और मूल्य निवेशकों के सामने स्पष्ट रूप से सामने आएगी।
विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत कमोडिटी चक्र, बेहतर परिचालन दक्षता और डीमर्जर से मिलने वाली पारदर्शिता वेदांता के शेयरों को आगे भी मजबूती प्रदान कर सकती है। यही वजह है कि फिलहाल बाजार में वेदांता को लेकर भरोसा लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है।
