Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
बोकारो | 1 मार्च 2026
बोकारो के सेक्टर 2डी स्थित श्यामा माई मंदिर (मिथिला काली मंदिर) में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा वृष्टि सह होली महोत्सव का समापन रविवार को फगुआ मिलन के साथ भक्ति और उत्साहपूर्ण माहौल में हो गया। यह आयोजन मैथिली कला मंच एवं काली पूजा ट्रस्ट के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
वृंदावन से पधारे कथावाचक पं. गोपाल कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं पर फूलों और अबीर-गुलाल की वर्षा कर कार्यक्रम को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कथा-विश्राम के उपरांत देर तक होली उत्सव का आनंद लिया गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर फगुआ की शुभकामनाएं दीं।
🌸 होली का संदेश: प्रेम और सद्भाव
पं. गोपाल कृष्ण शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि होली जीवन के विविध रंगों का प्रतीक पर्व है। यह उत्सव-
- जीवन निर्माण के विभिन्न रसों को समाहित करता है
- समाज में सद्भाव और सौहार्द को मजबूत करता है
- प्रेम और आपसी भाईचारे का संदेश देता है
कार्यक्रम के दौरान वृंदावन से आई भजन मंडली और कलाकारों की टोली ने ब्रज में राधा-कृष्ण की होली की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की। सातों दिन कथा के साथ भक्ति गीत-संगीत और आकर्षक झांकियों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
आयोजन में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
सात दिवसीय अनुष्ठान को सफल बनाने में अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र झा, महामंत्री सुनील मोहन ठाकुर, यज्ञाचार्य पं. राहुल शर्मा, मुख्य यजमान सुशीला मिश्र, कौशलेंद्र मिश्र, सतीश चंद्र मिश्र, कैलाश कुमार मिश्र, अरुण कुमार ठाकुर, प्रमिला देवी, किरण मिश्र, पं. गोविंद झा, पं. गौरी शंकर झा और सुशील कुमार झा सहित अनेक सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस धार्मिक आयोजन ने न केवल आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण किया, बल्कि नगर में सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रसारित किया।
