डीवीसी आरओबी उद्घाटन टला, सांसद का लोकसभा में मुद्दा उठाने का ऐलान

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बोकारो थर्मल | 2 मार्च 2026

बोकारो थर्मल में डीवीसी के नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का 27 फरवरी को प्रस्तावित उद्घाटन टलने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने रविवार को प्रेस वार्ता कर डीवीसी प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि जन सुरक्षा और तकनीकी मानकों की अनदेखी कर अधूरे पुल का उद्घाटन करना सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ होता।

सांसद ने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे प्रकरण को आगामी लोकसभा के बजट सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। साथ ही Damodar Valley Corporation की कार्यप्रणाली, प्रोजेक्ट प्रबंधन और टेंडर प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे।

गुणवत्ता और सुरक्षा पर उठाए सवाल

पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने कई गंभीर प्रश्न उठाए-

  • 10 वर्षों के लंबे समय के बावजूद परियोजना अधूरी क्यों रही?
  • क्वालिटी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
  • ‘वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट’ के बिना उद्घाटन की जल्दबाजी क्यों?
  • 153 टन लोड टेस्टिंग और सुरक्षा प्रमाण पत्र के बिना पुल कैसे खोला जाता?

उनका आरोप है कि डीवीसी प्रबंधन ने इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जो भी प्रतिक्रिया दी गई, वह केवल समाचार पत्रों के माध्यम से आंशिक रूप से सामने आई, जिसे उन्होंने भ्रामक बताया।

लागत वृद्धि और टेंडर प्रणाली पर भी सवाल

सांसद ने आरोप लगाया कि निर्माण में लंबे विलंब से परियोजना लागत में वृद्धि हुई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर सिस्टम को कोलकाता में केंद्रित करने की नीति पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है। आगामी बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाते हुए सभी बड़े टेंडरों की जांच की मांग की जाएगी।

मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप

सांसद ने यह भी कहा कि भारत सरकार का उपक्रम होने के बावजूद निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के पीएफ और ईएसआई कटौती तथा बैंक भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

उद्घाटन पर तंज और आगे का आश्वासन

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिना वर्क कंप्लीशन सर्टिफिकेट के उद्घाटन करने से बेहतर होता कि एक-एक पिलर का अलग-अलग उद्घाटन कर लिया जाता।

हालांकि उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जैसे ही सभी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी, आरओबी का विधिवत उद्घाटन कर इसे आम जनता और डीवीसी कर्मियों को समर्पित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान उनके साथ प्रतिनिधि दीपक महतो और जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे।

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