संजय कुमार बिनीत : राजनीतिक विश्लेषक
पटना, 26 सितम्बर, 2025 : आरजेडी से निष्कासन के बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करते हुए ‘जनशक्ति जनता दल’ नामक नई पार्टी का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट के जरिए उन्होंने पार्टी का नाम, चुनाव चिह्न और पोस्टर सार्वजनिक किया। पार्टी का चुनाव चिह्न ‘ब्लैक बोर्ड’ रखा गया है, जबकि पोस्टर में उन्होंने पांच महापुरुषों—महात्मा गांधी, बी.आर. अंबेडकर, राम मनोहर लोहिया, जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर—को प्रमुखता से स्थान दिया है। दिलचस्प बात यह है कि तेज प्रताप ने अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को पोस्टर से पूरी तरह दूर रखा है।
तेज प्रताप यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं और उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी। वे महागठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। हाल ही में एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। उस पोस्ट में उन्होंने अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनका अकाउंट हैक हुआ था और उन्होंने पोस्ट डिलीट भी कर दिया। तेज प्रताप की राजनीतिक राह हमेशा सुर्खियों में रही है—कभी बयानों के कारण, तो कभी छोटे भाई तेजस्वी यादव के साथ मतभेदों को लेकर।
नई पार्टी के पोस्टर में तेज प्रताप की तस्वीर के साथ नारा लिखा गया है—“सामाजिक न्याय, सामाजिक हक और संपूर्ण बदलाव।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी संदेश दिया है—“जन-जन की शक्ति, जन-जन का राज, बिहार का विकास करेंगे तेज प्रताप।” पोस्टर और घोषणा के जरिए तेज प्रताप ने साफ संकेत दिया है कि वे अपने स्वतंत्र राजनीतिक एजेंडे के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।
इससे पहले अगस्त में तेज प्रताप यादव ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने के लिए पांच छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की घोषणा की थी। इस गठबंधन में विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP), भोजपुरिया जन मोर्चा (BJM), प्रगतिशील जनता पार्टी (PJB), वाजिब अधिकार पार्टी (WAP) और संयुक्त किसान विकास पार्टी शामिल हैं। तेज प्रताप का कहना है कि इस गठबंधन का उद्देश्य सामाजिक न्याय, अधिकारों की रक्षा और बिहार के समग्र विकास के लिए काम करना है।
तेज प्रताप ने यह भी ऐलान किया है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से चुनाव लड़ेंगे। यह वही सीट है जहां से उन्होंने 2015 में जीत हासिल की थी। तेज प्रताप का दावा है कि महुआ उनकी कर्मभूमि है और वहां की जनता उनके साथ है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर कोई और इस सीट से चुनाव लड़ेगा, तो जनता उसे नकार देगी।
तेज प्रताप यादव की यह नई पहल न केवल उनके राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगी, बल्कि बिहार की सियासत में भी नए समीकरणों को जन्म दे सकती है।
