Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
Bokaro | CSR Impact News: ग्रामीण झारखंड में पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ESL Steel Ltd. अपने प्रमुख सामुदायिक विकास कार्यक्रम ‘नंद घर’ को लगातार विस्तार दे रहा है। कंपनी का लक्ष्य है—प्रारंभिक बाल विकास के लिए मजबूत नींव तैयार करना और कुपोषण को जड़ से खत्म करना।
बाल दिवस पर नन्हे बच्चों की मुस्कान से खिला नंद घर
हाल ही में सभी नंद घरों में बाल दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
बच्चों ने ड्राइंग, रंग भरने, कविता पाठ जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नंद घर उसरडीह के कार्यक्रम में
- श्री संजय सिन्हा (हेड–पीआर एवं स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट)
- श्री कुणाल दरिपा (हेड–CSR)
ने बच्चों के साथ समय बिताया, जिससे ग्रामीण शिक्षा के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता और मजबूत दिखी।
‘पोषण माह’ में मातृ स्वास्थ्य और घरेलू पोषण पर ज़ोर

बाल दिवस का आयोजन, ‘पोषण माह’ की सफल गतिविधियों के बाद हुआ।
पोषण माह के दौरान
- माताओं को संतुलित आहार
- स्तनपान के महत्व
- स्वच्छता
- घरेलू पोषण
के विषयों पर जागरूक किया गया।
साथ ही, छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए ‘शिशु संजीवनी’ विशेष मिलेट हलवा का नियमित वितरण किया गया। इससे बच्चों में प्रतिरक्षा क्षमता और ऊर्जा स्तर में खासा सुधार देखा गया।
ESL मिलेट को भोजन का हिस्सा बनाकर कुपोषण के खिलाफ मजबूत संघर्ष और केंद्र सरकार के ‘मिलेट मिशन’ को बढ़ावा दे रहा है।
ग्रामीण सेविकाओं की मेहनत से बदलती तस्वीर
नंद घर उसरडीह की सेविका श्रीमती माया खोवास कहती हैं – “सही पोषण ही बच्चों के सपनों की सबसे मजबूत नींव है। बच्चे जब कमज़ोर से तंदुरुस्त होते हैं तो लगता है मेरा हर प्रयास सार्थक है। ये बच्चे मेरे अपने हैं।”
गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे सांस्कृतिक आयोजन भी बने आकर्षण

कई नंद घरों में गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन पारंपरिक आयोजनों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी आधुनिक संदेशों को भी शामिल किया गया, जिससे परिवारों में जागरूकता बढ़ी।
कंपनी का विज़न: “हर बच्चे को मिले स्वस्थ और खुशहाल बचपन”
ESL Steel Ltd. के CEO एवं निदेशक श्री रवीश शर्मा ने कहा – “हर बच्चे को मजबूत स्वास्थ्य, सही पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा मिलनी चाहिए। नंद घर, शिशु संजीवनी और दैनिक पोषण वितरण के माध्यम से हम ग्रामीण झारखंड में स्वस्थ और खुशहाल बचपन का निर्माण कर रहे हैं।”
नंद घर कार्यक्रम के प्रमुख सकारात्मक प्रभाव
- बच्चों की पोषण स्थिति में निरंतर सुधार
- माताओं एवं परिवारों की सहभागिता में वृद्धि
- छोटे शिक्षार्थियों में स्कूल रेडीनेस बढ़ी
