राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और समयबद्धता को लेकर डीसीएलआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

पटना, 28 नवंबर 2025: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आयोजित भूमि सुधार उपसमाहर्ताओं (DCLR) के दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान, पटना में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह ने किया।

अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि डीसीएलआर की भूमिका राजस्व प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंचल कार्यालयों का नियमित निरीक्षण, मासिक समीक्षा बैठकें, तथा प्रथम अपीलीय न्यायालय के वादों की समयबद्ध सुनवाई सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

राजस्व महा–अभियान प्रमुख प्राथमिकता

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राजस्व महा–अभियान के दौरान राज्यभर से प्राप्त 45 लाख आवेदनों के त्वरित निष्पादन, जमाबंदी अद्यतन, तथा मृत व्यक्तियों के नाम हटाकर उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करना विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि डीसीएलआर न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या चिंताजनक है, जिसे कम करना अनिवार्य है। माह में कम से कम चार दिन नियमित सुनवाई करने का निर्देश भी दिया गया।

अत्याधुनिक ऑनलाइन व्यवस्था पर जोर

विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने रेवेन्यू कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए कहा कि अब सभी राजस्व कार्य पूर्णतः ऑनलाइन किए जा रहे हैं और नए केस केवल ऑनलाइन ही स्वीकार होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में वकील अनिवार्य नहीं है – आवेदक स्वयं भी अपनी पैरवी कर सकता है।

उन्होंने म्यूटेशन अपील में सर्टिफाइड कॉपी मांगने की पुरानी प्रथा पर भी नाराजगी जताई और कहा कि अब केवल डिजिटली साइन की गई प्रतियां ही वैध होंगी। डिफेक्ट चेक में होने वाली देरी को unacceptable बताते हुए समयसीमा पालन का निर्देश दिया।

सुव्यवस्थित एवं जवाबदेह राजस्व प्रशासन का लक्ष्य

श्री सिंह ने कहा कि राजस्व प्रशासन को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाना विभाग की प्रतिबद्धता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालय बुलाने की प्रवृत्ति समाप्त होनी चाहिए और आदेश लेखन की गुणवत्ता में सुधार लाना आवश्यक है।

तकनीकी सत्र और उपस्थित अधिकारी

आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर ने लंबित वादों की स्थिति और ऑनलाइन सिस्टम के लाभों पर प्रेजेंटेशन दिया।
कार्यक्रम में विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पॉल, अपर सचिव श्री संजीव कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी श्रीमती सुधा कुमारी, श्री अनुपम प्रकाश, श्री मणिभूषण किशोर, सहायक निदेशक मोना झा, उप सचिव संजय कुमार सिंह, सुनील कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।