Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना | 12 जनवरी 2026
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन, पटना के तत्वावधान में स्टेट बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय स्थित कैंटीन में एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से जोड़ते हुए राष्ट्र और संस्था निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा।
सभा में स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने उनके विचारों को आज के सामाजिक, आर्थिक और पेशेवर संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसबीआईओए, पटना के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर उद्देश्यपूर्ण, नैतिक और ऊर्जावान जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि
“उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर आगे बढ़ो” का संदेश आज भी युवाओं के लिए उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र और संस्था दोनों के विकास में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। निर्भीकता, कार्यस्थल पर पारदर्शिता, नैतिकता, सकारात्मक ऊर्जा के साथ कर्मठता और बैंक व देश के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता ही स्वामी विवेकानंद के विचारों की सच्ची अभिव्यक्ति है।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
- संघ के अध्यक्ष अरिजीत बोस ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात कर सामाजिक दायित्व निभाने पर बल दिया।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पटना मंडल के उप महाप्रबंधक एवं मंडल विकास अधिकारी देवेश मित्तल ने युवाओं से समाज के उपेक्षित और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां
- स्वामी विवेकानंद के विचारों पर संगोष्ठी
- युवाओं की भूमिका पर संवाद
- सामाजिक दायित्व के तहत सहयोग प्रदान
सभा में लक्ष्मी नारायण पासवान, निकेश नंदन, प्रशांत कुमार मिश्रा, मुकेश कुमार, सीमा सिन्हा, संजीत सुमन सहित बड़ी संख्या में एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गरीब एवं अनाथ बच्चों की शिक्षा के लिए कार्यरत संस्था “मां प्रेमा फाउंडेशन” को एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन, पटना की ओर से सहयोग स्वरूप एक चेक प्रदान किया गया। फाउंडेशन की ओर से ज्योति ने उपस्थित होकर इस सामाजिक पहल के लिए एसोसिएशन के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन न केवल स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि था, बल्कि युवाओं में नैतिकता, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना को मजबूत करने का एक सार्थक प्रयास भी साबित हुआ।
