जलस्रोतों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, डीडीसी ने दिए सख्त निर्देश

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बोकारो | 21 जनवरी 2026

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाए। उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि तालाबों, नदियों और अन्य जलस्रोतों से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए। इस संबंध में की गई कार्रवाई की नियमित रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।

समाहरणालय में हुई इस समीक्षा बैठक में दामोदर नदी सहित जिले के प्रमुख जलस्रोतों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। डीडीसी ने दो टूक कहा कि जल संरक्षण से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई तय है।

बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश

  • तालाबों, नदियों और जलाशयों से अविलंब अतिक्रमण हटाने का आदेश
  • अतिक्रमण हटाने की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश
  • घाटों के समीप पूजा सामग्री के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए विशेष कंटेनर लगाने की व्यवस्था
  • नगर निकायों और बीएसएल नगर सेवा प्रशासन को जल प्रदूषण रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश

चास नगर निगम द्वारा सिल्ट चेंबर निर्माण की धीमी प्रगति पर डीडीसी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्य की गति और गुणवत्ता में तत्काल सुधार लाने को कहा और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर

  • 2 फरवरी को वर्ल्ड वॉटर वेटलैंड डे पर स्कूलों में प्रतियोगिताओं का आयोजन
  • फरवरी माह के अंत तक जिलेस्तरीय मेगा कार्यशाला का आयोजन
  • इन कार्यक्रमों की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और नोडल पदाधिकारी को सौंपी गई

बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी संदीप शिंदे, जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और बीएसएल के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि सख्त कार्रवाई और जन-जागरूकता के माध्यम से जिले के जलस्रोतों को संरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सकेगा।