Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना, 23 मार्च 2026
बिहार में सुरक्षित और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav ने किसानों से जैविक खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग फसलों की गुणवत्ता के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अनुशंसित मात्रा से अधिक कीटनाशकों का उपयोग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही यह पर्यावरण और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर डालता है।
कीटनाशकों के दुष्प्रभाव:
- फसलों की गुणवत्ता में गिरावट
- मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर
- दूध, दही और मांस जैसे उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित
- पर्यावरण प्रदूषण में वृद्धि
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प के रूप में जैविक उपायों को अपनाएं और प्राकृतिक तरीकों से खेती को सुरक्षित बनाएं।
किसानों के लिए सुझाए गए उपाय:
- फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाना
- प्रतिरोधी किस्मों का चयन
- कीटों के प्राकृतिक शत्रुओं का संरक्षण
- एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) तकनीक का उपयोग
- फेरोमोन ट्रैप और लाइट ट्रैप का इस्तेमाल
मंत्री ने विशेष रूप से नीम तेल, जैविक फफूंदनाशी और जीवाणुनाशी के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि ये विकल्प पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं।
सुरक्षित खेती के लिए दिशा-निर्देश:
- रासायनिक कीटनाशकों का उपयोग अंतिम विकल्प के रूप में करें
- केवल अनुशंसित मात्रा में ही प्रयोग करें
- हरे लेबल वाले अपेक्षाकृत सुरक्षित उत्पादों को प्राथमिकता दें
- अत्यधिक विषैले कीटनाशकों से बचें
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे संतुलित और टिकाऊ खेती को अपनाकर न केवल अपनी उपज की गुणवत्ता बढ़ाएं, बल्कि समाज को स्वस्थ भविष्य देने में भी योगदान दें।
