Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
कोलकाता, 24 मार्च 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक एक महीने पहले उत्तर बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (TMC) को झटका देते हुए पूर्व विधायक Arghya Ray Pradhan ने भाजपा का दामन थाम लिया।
सॉल्टलेक स्थित भाजपा राज्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में यह हाई-प्रोफाइल ज्वाइनिंग हुई, जिसमें राजवंशी आंदोलन के प्रमुख नेता Girijashankar Ray भी भाजपा में शामिल हुए। इस घटनाक्रम को उत्तर बंगाल की राजनीति में बड़ा ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।
उत्तर बंगाल में मजबूत पकड़
कूचबिहार और आसपास के क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले अर्घ्य राय प्रधान के भाजपा में आने से राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है। ज्वाइनिंग के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय तक TMC में रहने के बावजूद वे भ्रष्टाचार से समझौता नहीं कर सके, इसलिए राज्य के विकास के लिए भाजपा को चुना।
कार्यक्रम में राजवंशी नेता Banshibadan Barman की मौजूदगी और भाषा-संस्कृति संरक्षण की मांग ने इस घटनाक्रम को ‘पहचान की राजनीति’ से भी जोड़ दिया।
भाजपा का दावा-‘टर्निंग प्वाइंट’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने इसे चुनाव का ‘टर्निंग प्वाइंट’ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के प्रमुख नेताओं का भाजपा में आना परिवर्तन की तेज होती लहर का संकेत है।
वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Samik Bhattacharya ने मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ‘फॉर्म-7’ (नाम हटाने के आवेदन) को सरकारी सिस्टम में जानबूझकर अपलोड नहीं किया जा रहा है और कई जगह भाजपा कार्यकर्ताओं को फॉर्म जमा करने से रोका गया।
चुनावी नैरेटिव बदलने की कोशिश
भाजपा ने 2026 के चुनाव को ‘जनता बनाम TMC’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि किसान और श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण राज्य सरकार जनता का भरोसा खो रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह के दलबदल से उत्तर बंगाल में मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है, जहां पहले से ही मुकाबला कड़ा माना जा रहा है।
