मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान

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एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में वनवासी कल्याण केंद्र का अभिनंदन समारोह, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित

रांची, 24 जुलाई : “मेधा का सम्मान और राष्ट्र निर्माण का संकल्प” विषय के साथ झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची के शैक्षणिक भवन-4 स्थित सभागार में श्रीहरि वनवासी विकास समिति संबद्ध वनवासी कल्याण केंद्र, झारखंड द्वारा “मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह” का आयोजन किया गया। समारोह में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर विशेष बल दिया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर, विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल प्रशांत पल्लव, मुख्य वक्ता अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. तनुजा मुंडा ने की। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया।

स्वागत संबोधन में समिति के मंत्री शिवेंद्र लाल माणिक ने बताया कि श्रीहरि वनवासी विकास समिति वर्तमान में झारखंड के 11 जिलों, 46 प्रखंडों और लगभग 2,000 गांवों के 18,000 से अधिक विद्यार्थियों तक शिक्षा एवं संस्कार का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्था के विद्यार्थियों का 98 प्रतिशत परीक्षा परिणाम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सतत प्रयासों का प्रमाण है।

विशिष्ट अतिथि प्रशांत पल्लव ने शिक्षा के क्षेत्र में समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए समाज और कॉरपोरेट जगत से इस अभियान को और व्यापक बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि प्रो. सारंग मेढेकर ने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों के लिए सदैव सहयोग और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

मुख्य वक्ता सत्येंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्रवान, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों का निर्माण करना भी है। उन्होंने बताया कि संस्था के अनेक पूर्व विद्यार्थी आज इसरो सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, पूर्वोत्तर भारत के विकास कार्यों तथा विदेशों में अपनी प्रतिभा से भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।

समारोह के दौरान प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। इसके अलावा वनवासी कल्याण केंद्रों से जुड़े 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण समिति के विद्यालय के छात्र ओम कुमार रहे, जिन्होंने 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य में पांचवां स्थान हासिल किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि जब शिक्षा संस्कारों से जुड़ती है तो केवल सफल विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, सक्षम और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक भी तैयार होते हैं। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों का विशेष महत्व है।