आवास की छत फिर गिरी, अनुरक्षण पर सवाल

Live ख़बर

संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

करोड़ों के बजट के बावजूद कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत नहीं होने का आरोप, BAKS महासचिव हरिओम ने उठाए सवाल

बोकारो, 23 अगस्त। सेक्टर-4ए स्थित आवास संख्या 3090 की छत का एक हिस्सा फिर गिरने की घटना सामने आई है। आवासधारी मनीष, जो बाग के रक्त कोष में कार्यरत बताए गए हैं, ने बताया कि उन्होंने आवास की जर्जर स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता को लेकर कई दिन पहले शिकायत की थी, लेकिन अब तक विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

मनीष के अनुसार, हाल ही में दोबारा शिकायत करने पर उन्हें बताया गया कि फिलहाल बारिश का मौसम है और बारिश समाप्त होने के बाद मरम्मत का काम कराया जाएगा। ऐसे में आवास की छत की स्थिति को लेकर कर्मचारियों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

बारिश में मरम्मत नहीं तो कब होगा अनुरक्षण?

घटना के बाद सिविल अनुरक्षण अनुभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि बारिश से पहले आवासों का अनुरक्षण नहीं किया जाता और बारिश के दौरान भी मरम्मत नहीं होती, तो जर्जर आवासों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

बताया गया कि कंपनी के सिविल अनुरक्षण अनुभाग के पास आवासों एवं संबंधित कार्यों के लिए बड़ा बजट होने के बावजूद कर्मचारियों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आवासों की छत, ब्लॉक और अन्य बुनियादी संरचनाओं से जुड़ी समस्याओं के समय पर समाधान नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

हाल के दिनों में सेक्टर-12 में एक अनुरक्षित ब्लॉक के गिरने की घटना का भी उल्लेख किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी कई ऐसे ब्लॉक और आवास हैं, जहां अनुरक्षण संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं और कर्मचारी जर्जर आवासों में रहने को विवश हैं।

बजट के उपयोग पर उठाया सवाल

BAKS बोकारो के महासचिव हरिओम ने कहा कि सैकड़ों करोड़ रुपये का बजट खर्च होने के बाद भी यदि कर्मचारियों के आवासों की बुनियादी समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है, तो यह सिविल अनुरक्षण अनुभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि सिविल अनुरक्षण अनुभाग से जुड़े कर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। यदि किसी जर्जर आवास में बड़ी दुर्घटना हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है।

हरिओम ने कर्मचारियों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करने तथा जर्जर आवासों का प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण और अनुरक्षण कराने की आवश्यकता जताई।