– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विभागाध्यक्ष कार्यालयों के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन, 27 सितंबर को आमसभा में अगले चरण और आमरण अनशन की तिथि घोषित होगी
बोकारो, 15 सितंबर 2026। बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) ने मंगलवार को अपने आंदोलन के पहले चरण की घोषणा की। बोकारो के मजदूर मैदान में सदस्यों के साथ आयोजित बैठक में यूनियन ने आंदोलन की रणनीति तय की। इसके तहत 21 और 22 सितंबर को सभी बीएसएल कर्मचारी सभी शिफ्टों में अपने लंबित 45 मुद्दों के समर्थन में काला बैज अथवा काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे।
यूनियन के अनुसार, इसके बाद 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बोकारो इस्पात संयंत्र के सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालय के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। काले बैज पर बीएसएल कर्मियों की लंबित प्रमुख मांगों को अंकित किया जाएगा।
27 सितंबर को आमसभा में अगले चरण की घोषणा
बीएकेएस के अनुसार, 27 सितंबर को आयोजित आमसभा में आंदोलन के अगले चरण तथा आमरण अनशन के कार्यक्रम की तिथि की घोषणा की जाएगी। यूनियन ने कहा कि प्रस्तावित आमरण अनशन कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा होने तक जारी रहेगा।
यूनियन द्वारा उठाई जा रही प्रमुख मांगों में बोनस फॉर्मूला में संशोधन, श्रम कानूनों को लागू करना, इंसेंटिव फॉर्मूला में संशोधन सहित अन्य लंबित मांगें शामिल हैं।
सेल प्रबंधन और मंत्रालयों को पत्र भेजने का दावा
यूनियन के अनुसार, सेल कॉर्पोरेट कार्यालय तथा बीएसएल प्रबंधन की कथित तानाशाही और कर्मचारियों की मांगों को लंबित रखने के विरोध में आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी के परिप्रेक्ष्य में बीएकेएस ने अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए सेल चेयरमैन, इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी, इस्पात राज्य मंत्री भूपति राजु वर्मा, इस्पात सचिव, श्रम सचिव, डीपीई सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) को एक साथ पत्र भेजे हैं।
यूनियन ने कहा कि देश के सभी जिम्मेदार समूह या तो सेल प्रबंधन को निर्देश देकर लंबित मामलों का समाधान कराएं या फिर आंदोलन का सामना करें।
“मैं स्वयं बैठूंगा आमरण अनशन पर” — हरिओम
बीएकेएस के महासचिव हरिओम ने कहा, “देश का पूरा तंत्र सिर्फ एक-दूसरे को बचाने में लगा है। सेल प्रबंधन तथा इस्पात मंत्रालय और श्रम मंत्रालय को जितने पत्र सबूत सहित भेजे गए, उससे कई उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई हो जानी चाहिए थी। अब हमारे पास आंदोलन के सिवा कोई उपाय नहीं बचा है। मैं स्वयं एडीएम के सामने धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठूंगा।”
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर यूनियन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएगी और अगले चरण के कार्यक्रम की घोषणा आमसभा में की जाएगी।
45 लंबित मुद्दों को लेकर आंदोलन
बीएकेएस ने अपने आंदोलन के पहले चरण के तहत 21-22 सितंबर को काला बैज और काली पट्टी लगाकर काम करने तथा 23 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विभागाध्यक्ष कार्यालयों के समक्ष सांकेतिक विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय किया है। यूनियन के अनुसार, इन कार्यक्रमों के माध्यम से बीएसएल कर्मचारियों के लंबित 45 मुद्दों और प्रमुख मांगों को प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
