-लाइव ख़बर नेशन || संतोष श्रीवास्तव
पेट की आग बुझाने कोयला चुन रही थीं महिलाएं, ओवरबर्डन और कोयले का ढेर धंसने से हुआ दर्दनाक हादसा; प्रबंधन के दावों की खुली पोल
बोकारो, 05 नवम्बर 2026 : त्योहारी सीजन की खुशियों के बीच बोकारो जिले के बेरमो अंतर्गत सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कथारा कोलियरी से एक बेहद मर्मस्पर्शी और दहला देने वाली खबर सामने आई है। कथारा के पांच नंबर स्टॉक में कोयले के भारी-भरकम ढेर के अचानक भरभरा कर गिर जाने से मलबे में दबकर तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर सीसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था, दावों और खदानों में अनधिकृत प्रवेश रोकने में नाकामी की पोल खोलकर रख दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेट की आग बुझाने और दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए कुछ महिलाएं और स्थानीय लोग कथारा कोलियरी के पांच नंबर स्टॉक के पास कोयला चुनने गए थे। खदान के पास कोयले और ओवरबर्डन का बहुत बड़ा ढेर लगा हुआ था। महिलाएं जब नीचे बैठकर कोयला चुन रही थीं, तभी अचानक ऊपर से कोयले का भारी ढेर धंस गया। इसकी चपेट में आने से तीन महिलाएं मलबे में जिंदा दफन हो गईं। हालांकि, कुछ अन्य लोग भी इसकी जद में आए थे, जिन्हें किसी तरह सुरक्षित बचा लिया गया। बेरमो के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) रवीन्द्र कुमार सिंह ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
प्रबंधन के चेतावनी बोर्ड को चिढ़ाती रही हकीकत
हादसे स्थल पर सीसीएल प्रबंधन ने एक बड़ा सा बोर्ड लगा रखा है जिस पर लिखा है- “खदान में अवैध खनन करना कानूनी जुर्म है।” लेकिन यह बोर्ड सिर्फ खानापूर्ति साबित हुआ। हकीकत यह रही कि बोर्ड लगाकर प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो गया, जबकि स्थानीय गरीब लोग और महिलाएं हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर जलावन व आजीविका के लिए कोयला चुनने अंदर घुसते रहे। सुरक्षा तंत्र की नींद इस हद तक गहरी थी कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा कि बोर्ड के साए में मौत का खेल चल रहा है।
हादसे के बाद सहमा प्रबंधन, कैमरे पर बोलने से परहेज
इस हृदयविदारक घटना के बाद सीसीएल प्रबंधन के होश उड़े हुए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने आने से कतरा रहा है। स्थानीय लोगों में प्रबंधन की इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। सवाल यह उठ रहा है कि जब क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश और अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा गार्ड व सीआईएसएफ तैनात हैं, तो रोजाना बड़ी संख्या में लोग खदानों के भीतर कैसे पहुंच जाते थे? तीन मासूम जिंदगियों के जाने के बाद अब तंत्र जागा है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है। पुलिस अब मामले की तहकीकात कर दोषियों की जवाबदेही तय करने में जुटी है।
