बीएसएल में ‘तन्मात्रा’ कार्यक्रम का शुभारंभ

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

महिला अधिकारियों के नेतृत्व कौशल को नई दिशा देने के लिए 90 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

बोकारो, 22 जुलाई। बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) ने महिला अधिकारियों के नेतृत्व कौशल को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विशेष नेतृत्व विकास कार्यक्रम ‘तन्मात्रा’ का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम, प्रभावी और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए तैयार करना तथा संयंत्र में समावेशी एवं नवोन्मेषी नेतृत्व संस्कृति को बढ़ावा देना है।

बीएसएल के लर्निंग एंड डेवलपमेंट विभाग द्वारा तैयार किए गए इस कार्यक्रम का नाम संस्कृत शब्द ‘तन्मात्रा’ से प्रेरित है। कार्यक्रम का लक्ष्य महिला अधिकारियों का एक सशक्त और दीर्घकालिक नेतृत्व नेटवर्क विकसित करना है, जिससे संगठन में भविष्य के नेतृत्व को नई दिशा मिल सके।

कार्यक्रम के प्रथम बैच में ई-4 से ई-7 ग्रेड की 30 महिला अधिकारियों का चयन संबंधित विभागाध्यक्षों की अनुशंसा पर किया गया है। लगभग 90 दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को आठ विषयगत मॉड्यूलों में विभाजित किया गया है। इनमें संयंत्र संचालन, वित्तीय एवं वाणिज्यिक प्रबंधन, सामग्री प्रबंधन, कार्य-जीवन संतुलन, विभिन्न संयंत्रों का अध्ययन, गवर्नेंस, डिजिटल परिवर्तन तथा परियोजना प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन में ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए), मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमटीआई), रांची, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रांची तथा बीएसएल के अनुभवी विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण सहयोगी के रूप में अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों का मूल्यांकन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में प्रत्येक मॉड्यूल के आधार पर सतत मूल्यांकन होगा, जबकि अंतिम चरण में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत केस स्टडी का आकलन अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) की अध्यक्षता में गठित वरिष्ठ मूल्यांकन समिति करेगी।

बीएसएल प्रबंधन के अनुसार कार्यक्रम का समापन स्नातक एवं सम्मान समारोह के साथ होगा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलने के साथ संगठन में नवाचार, समावेशिता और नेतृत्व क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।