– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
निवेशकों के लिए सुगम वातावरण बनाने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय, औद्योगिक भूमि का किया गया विस्तृत निरीक्षण
पटना/जमुई, 24 जुलाई : जमुई जिले को औद्योगिक नक्शे पर स्थापित करने, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक एवं तकनीकी टीम ने चकाई प्रक्षेत्र का दौरा कर औद्योगिक उपयोग के लिए चिन्हित भूमि का विस्तृत निरीक्षण एवं स्थलीय सत्यापन किया।
निरीक्षण दल में जिला पदाधिकारी के साथ औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (आईडा) के प्रतिनिधि, वन प्रमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। टीम ने चकाई अंचल के अंतर्गत औद्योगिक उपयोग के लिए प्रस्तावित एवं आरक्षित भू-खंडों की भौतिक स्थिति, भूमि की प्रकृति, स्वामित्व, अतिक्रमण-मुक्त स्थिति तथा भौगोलिक सुगमता का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अथवा तकनीकी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने भूमि से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध एवं निवेशक-अनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया।
वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में भूमि हस्तांतरण एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) प्राप्त करने की प्रक्रिया शीघ्र और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए।
निरीक्षण के दौरान आईडा एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में सड़क संपर्क, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल निकासी तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भी आकलन किया। अधिकारियों ने उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर सहमति व्यक्त की।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जमुई जिले में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देकर संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार आएगा।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ भूमि हस्तांतरण सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप निकट भविष्य में जमुई जिले, विशेषकर चकाई क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।

