Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना, 13 फरवरी 2026। योजना एवं विकास विभाग, बिहार द्वारा “Research Methodology, Monitoring and Evaluation Techniques” विषय पर आयोजित द्विदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने किया। यह प्रशिक्षण 13 एवं 14 फरवरी 2026 को Anthropos India Foundation के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में अनुसंधान, मॉनिटरिंग और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक सुदृढ़, आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाना है, ताकि विकास योजनाओं की प्रभावशीलता को वैज्ञानिक आधार पर परखा जा सके।
उद्घाटन संबोधन की मुख्य बातें
डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि-
- विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धति आवश्यक है।
- डाटा-आधारित निर्णय प्रणाली प्रशासनिक दक्षता की आधारशिला है।
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण से योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन संभव है।
उन्होंने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि मानवशास्त्र (Anthropology) से उनका गहरा जुड़ाव रहा है और समाज व संस्कृति की समझ किसी भी योजना की सफलता की कुंजी है। शोध का उद्देश्य केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार और स्थानीय जरूरतों की गहन समझ विकसित करना है।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय
- अनुसंधान की आधारभूत एवं उन्नत पद्धतियां
- सैंपलिंग तकनीक एवं सर्वेक्षण डिजाइन
- डाटा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की विधियां
- सांख्यिकीय विश्लेषण एवं लॉजिकल फ्रेमवर्क अप्रोच
- मॉनिटरिंग इंडिकेटर्स का निर्धारण
- रिजल्ट-बेस्ड मैनेजमेंट (RBM)
- इम्पैक्ट इवैल्यूएशन के आयाम
व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से केस स्टडी और समूह चर्चा आयोजित की जा रही है, ताकि अधिकारी सीखी गई अवधारणाओं को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू कर सकें।
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय (DES) के प्रतिनिधि, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, सहायक निदेशक, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी (DSO) एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशिक्षण?
- राज्य से जिला स्तर तक मॉनिटरिंग तंत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना
- विश्लेषणात्मक क्षमता और रिपोर्ट लेखन कौशल में वृद्धि
- योजनाओं की समयबद्ध और वस्तुनिष्ठ समीक्षा सुनिश्चित करना
- पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना
योजना एवं विकास विभाग की यह पहल संकेत देती है कि बिहार सरकार विकास योजनाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में संस्थागत क्षमता-वर्धन पर गंभीरता से काम कर रही है।
