कृष्ण जन्मोत्सव में झूमे श्रद्धालु, कथा में उमड़ा भक्तिरस

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बोकारो, 26 फरवरी 2026: बोकारो के सेक्टर-2डी स्थित श्यामा माई मंदिर में आयोजित होली महोत्सव सह श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। मंदिर परिसर भक्ति, उल्लास और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ जन्मोत्सव में शामिल हुए और ‘नंद के घर आनंद भयो’ जैसे भजनों पर झूम उठे।

वृंदावन से पधारे कथावाचक गोविंद कृष्ण शास्त्री ने भक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में आने वाले अच्छे और बुरे दिन प्रभु की कृपा से ही निर्धारित होते हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है, और कृपा के बिना मनुष्य सुख-संपदा से वंचित रह सकता है।

कृष्ण जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन

कथा के दौरान शास्त्रीजी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का सजीव चित्रण किया-

  • जन्म के समय कारागार के ताले टूट गए और पहरेदार निद्रा में चले गए।
  • वासुदेव और देवकी बंधन-मुक्त हुए।
  • वासुदेव ने शिशु कृष्ण को यमुना पार कर गोकुल पहुंचाया।
  • यशोदा के यहां जन्मी शक्तिरूपा कन्या को लेकर वे पुनः कारागार लौटे।

जब कंस ने उस कन्या को जमीन पर पटकना चाहा, तो वह आकाश में प्रकट होकर शक्ति स्वरूप में बोली कि उसका वध करने वाला जन्म ले चुका है। इस प्रसंग के माध्यम से बताया गया कि भगवान द्वापर युग में अधर्म के विनाश और भक्तों के उद्धार के लिए अवतरित हुए।

भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर

कथा के बीच-बीच में पं. गोविंद कृष्ण शास्त्री ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालु हर्ष और उल्लास के साथ भक्ति में लीन दिखे।

अमरेंद्र मिश्र सभागार में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में मैथिली कला मंच, काली पूजा ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र झा, महामंत्री सुनील मोहन ठाकुर, यज्ञाचार्य पं. राहुल शर्मा, मुख्य यजमान सुशीला मिश्र सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन ने नगर में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण बना दिया।