विधायक के बयान पर पुलिस संगठनों का विरोध, माफी नहीं तो आंदोलन की चेतावनी

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बोकारो, 26 फरवरी 2026: बोकारो में निगम चुनाव के दौरान हुए विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप ले लिया है। 23 फरवरी को चास के वार्ड-32 में हुए हंगामे और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के घायल होने की घटना के बाद मामला और गरमा गया है।

बुधवार को इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने वाली बोकारो विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ अब पुलिस संगठनों ने खुला मोर्चा खोल दिया है।

क्या है पूरा मामला?

नगरपालिका चुनाव 2026 के दौरान वार्ड-32 में मतदान के समय कथित तौर पर हंगामा हुआ। पुलिस का आरोप है कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की गई, जिसके दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवीण कुमार सिंह के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। घटना में एसडीपीओ की नाक की हड्डी टूटने की बात कही गई है।

इसी प्रकरण में गिरफ्तार पूर्व पार्षद के साथ पुलिस की कथित बर्बरता का मुद्दा विधायक ने सदन में उठाया था, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।

पुलिस संगठनों की संयुक्त प्रेसवार्ता

सेक्टर-4 स्थित पुलिस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में पुलिस एसोसिएशन, पुलिस मेन्स एसोसिएशन और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने विधायक के बयान को वर्दी की गरिमा के खिलाफ बताया।

संगठनों का आरोप है कि-

  • विधायक ने पुलिस की “मर्दानगी” पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
  • वर्दी को न्यायालय तक घसीटने जैसी बात कही।
  • आरोपी को रिश्तेदारी से जोड़कर पुलिस कार्रवाई पर व्यक्तिगत प्रहार किया।

पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे 24 घंटे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सुरक्षा में तैनात रहते हैं, लेकिन बदले में अपमान झेलना पड़ रहा है।

एसपी के नेतृत्व की सराहना

पुलिस संगठनों ने बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस ने त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की है।

माफी की मांग, आंदोलन की चेतावनी

पुलिस परिवार ने विधायक से सार्वजनिक रूप से बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि गरिमा बहाल नहीं की गई तो उग्र आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रेसवार्ता में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र महतो, मेन्स एसोसिएशन के मंत्री सुभाष शुक्ला, अध्यक्ष संजीत कुमार महतो, पुलिस एसोसिएशन के मंत्री अनिल सिंह, अध्यक्ष सुनील उरांव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

फिलहाल यह विवाद जिले की राजनीति और प्रशासन के बीच टकराव का केंद्र बन गया है, जहां एक ओर जनप्रतिनिधि का अधिकार है तो दूसरी ओर वर्दी की गरिमा का सवाल।

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