Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना, 19 मार्च 2026
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को लेकर बिहार में योजनाओं और नीतियों के प्रभावी समन्वय पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसी कड़ी में फुलवारी स्थित एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का गुरुवार को सफल समापन हुआ।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि विकास को वास्तविक गति देने के लिए योजनाओं को एसडीजी के साथ जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार डेटा आधारित प्रशासनिक प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
निगरानी तंत्र को किया जा रहा मजबूत:
राज्य सरकार द्वारा एसडीजी के स्थानीयकरण को प्राथमिकता देते हुए जिला स्तर तक सशक्त निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की प्रगति का सटीक आकलन सुनिश्चित करना है।
- जिला स्तर तक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार
- योजनाओं की प्रगति की सटीक ट्रैकिंग पर जोर
- डेटा आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा
डॉ. विजयलक्ष्मी ने बताया कि बेहतर नीति निर्माण के लिए डेटा गैप की पहचान, जेंडर संवेदनशील आंकड़ों का विकास और पर्यावरणीय लेखांकन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानताओं को समझे बिना समावेशी नीतियां बनाना संभव नहीं है।
नीति निर्माण में पर्यावरणीय संतुलन पर फोकस:
कार्यशाला में पर्यावरणीय लेखांकन को नीतियों में शामिल कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने पर भी चर्चा हुई।
- पर्यावरणीय लेखांकन को नीति का हिस्सा बनाने की पहल
- प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर
- समावेशी और न्यायसंगत विकास की दिशा में प्रयास
इस अवसर पर उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी विभागों और अधिकारियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन राज्य की नीति निर्माण क्षमता को नई दिशा देगा।
देशभर के प्रतिनिधियों की भागीदारी:
यह कार्यशाला योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार और भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। इसमें देश के करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
- एसडीजी मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने पर चर्चा
- इंडिकेटर आधारित प्रगति की ट्रैकिंग पर जोर
- डेटा गुणवत्ता सुधार और एकीकरण पर विशेष फोकस
कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जिनका उद्देश्य नीति निर्माण के लिए विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध कराना है।
समापन सत्र में मौजूद अधिकारियों और प्रतिभागियों ने बिहार में आयोजित इस कार्यशाला की सराहना करते हुए राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आतिथ्य और पारंपरिक व्यंजनों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ-साथ राज्यों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।
