Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना, 19 मार्च 2026
बिहार को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने और निवेश को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में 11 प्रमुख निवेशकों ने भाग लेते हुए राज्य में उद्योग स्थापित करने से जुड़े अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निवेशकों के सुझावों और योजनाओं को विस्तार से सुना तथा उद्योग स्थापना में आ रही जमीनी समस्याओं के समाधान पर विशेष चर्चा की। उन्होंने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निवेशकों को हर संभव सहयोग और त्वरित सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
- बिहार को औद्योगिक हब बनाने पर फोकस
- निवेशकों को त्वरित सरकारी सहयोग का आश्वासन
- विभिन्न क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों पर चर्चा
- जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान पर जोर
यह बैठक पटना हवाई अड्डे के समीप वायुयान संगठन निदेशालय में आयोजित की गई, जिसमें उद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किन क्षेत्रों में आए निवेश प्रस्ताव:
उद्योग वार्ता के दौरान कई अहम क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई-
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स
- स्वास्थ्य सेवाएं
- सड़क निर्माण और परिवहन
- क्लाउड आधारित तकनीकी समाधान
कुछ कंपनियों ने राज्य सरकार के साथ साझेदारी कर तकनीकी सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सेवा विस्तार के प्रस्ताव भी रखे। सड़क निर्माण से जुड़ी आधुनिक तकनीक और एआई आधारित एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई गई।
निवेशकों की प्रमुख पहल और सुझाव:
- बिजली विभाग के साथ एआई आधारित कार्य करने का प्रस्ताव
- सड़कों की गुणवत्ता सुधार के लिए नई तकनीक का प्रदर्शन
- स्वास्थ्य और जीविका क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम करने की योजना
- क्लाउड और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की पेशकश
बैठक में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित व्यापारिक समूहों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और अपने-अपने अनुभव साझा किए।
समस्याओं के समाधान का भरोसा:
निवेशकों ने उद्योग स्थापना के दौरान आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की मांग रखी। इस पर मुख्य सचिव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे बिहार को उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके।
