एलडीएम कार्यशाला में वित्तीय समावेशन पर जोर

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

राज्य स्तरीय वर्चुअल बैठक में योजना, डेटा उपयोग और समन्वय पर चर्चा

रांची: 24 अप्रैल, 2026

लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर्स (LDMs) के लिए राज्य स्तर पर एक वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन उप महाप्रबंधक (DGM) संतोष कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न जिलों के बैंकिंग अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर MicroSave Consulting के सहयोग से किया गया।

कार्यशाला में भारतीय रिज़र्व बैंक की लीड बैंक योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला स्तर पर योजना निर्माण और उसकी नियमित समीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान DLRC (जिला स्तरीय समीक्षा समिति) और BLBC (ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति) की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई, ताकि इन मंचों का उपयोग बेहतर योजना निर्माण और समस्याओं के समय पर समाधान के लिए किया जा सके।

प्रतिभागियों ने जिला और ब्लॉक स्तर के आंकड़ों के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की। उनका मानना था कि डेटा के आधार पर यह पहचान की जा सकती है कि किन क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुँच और उपयोग में कमी है। इससे निम्न और मध्यम आय वर्ग (LMI) के लोगों तक बैंकिंग सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है।

कार्यशाला में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय (कन्वर्जेंस) की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। बैंकों, जिला प्रशासन और अन्य विभागों के साथ मिलकर कार्य करने से सेवाओं की डिलीवरी को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस दौरान आपसी सीख (peer learning) का भी अवसर मिला, जिसमें गुमला के LDM ने अपने जिले के अनुभव साझा किए। इन अनुभवों से अन्य जिलों को भी बेहतर रणनीति बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद जताई गई।

कार्यशाला में संतोष कुमार सिन्हा के अलावा एसएलबीसी झारखंड के पदाधिकारी रौशन चौधरी, प्रशांत कुमार, राज्य के सभी 24 जिलों के एलडीएम, माइक्रोसेव कंसल्टिंग के राज्य समन्वयक रमेश कुमार तथा दिल्ली टीम से सुषमा काउ और रवि कौशल सहित अन्य प्रतिभागी शामिल हुए।

यह कार्यशाला अंतिम छोर तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बेहतर योजना, डेटा के उपयोग और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करती है।