शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर राजभवन मार्च

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में पटना में आइसा का प्रदर्शन, शिक्षा सुधार, पेपर लीक और विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दों पर सौंपा ज्ञापन

पटना, 22 जुलाई। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) बिहार के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर गांधी मैदान से राजभवन तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। संगठन के अनुसार, मार्च में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों, युवाओं, अभिभावकों, अधिवक्ताओं, सांस्कृतिक कर्मियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया।

मार्च का नेतृत्व आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपंकर तथा अन्य छात्र नेताओं ने किया। संगठन का दावा है कि प्रशासन द्वारा गांधी मैदान में प्रदर्शन को सीमित करने का प्रयास किया गया, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी राजभवन तक पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। आइसा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात का समय भी मांगा, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी।

ज्ञापन में विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया गया। इनमें 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने, स्नातक शिक्षा से संबंधित प्रस्तावित बदलावों पर पुनर्विचार, स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की बढ़ी हुई फीस वापस लेने, शोधार्थियों के लिए नॉन-नेट फेलोशिप की व्यवस्था करने, शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने तथा पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है।

प्रदर्शन के दौरान आइसा नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के प्रति सरकार का रवैया दमनात्मक है। संगठन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर व्यापक संवाद की आवश्यकता है। साथ ही संगठन ने पेपर लीक के मामलों की त्वरित जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।

आइसा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र नेता और कार्यकर्ता घायल हुए। संगठन के अनुसार, उसके प्रतिनिधियों ने पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) पहुंचकर घायल प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना तथा हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई के लिए विभिन्न पुलिस थानों में संपर्क किया।

आइसा ने घोषणा की कि शिक्षा, परीक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर अभियान को राज्यभर के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और जिलों तक विस्तारित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आगे व्यापक छात्र-युवा आंदोलन चलाया जाएगा।

मार्च में पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, विधान परिषद सदस्य शशि यादव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा सहित विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, शोधार्थी, अभिभावक, अधिवक्ता और सांस्कृतिक समुदाय के सदस्य भी शामिल हुए।