– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सुधार, परीक्षा व्यवस्था और नामांकन प्रक्रिया पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
पटना/भोपाल, 24 जुलाई: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से संबद्ध 100 से अधिक अध्ययन संस्थाओं के संचालकों ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी से मुलाकात कर शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं परीक्षा संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण, परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के प्रारंभ में संबद्ध अध्ययन संस्थाएं विभाग के निदेशक डॉ. आशीष जोशी ने विभाग की ओर से किए जा रहे नवाचारों, शैक्षणिक सुधारों और नई पहलों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण, नए सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों की शुरुआत, डिजिटल प्रक्रियाओं के विस्तार तथा अध्ययन संस्थाओं के साथ सतत संवाद स्थापित करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। संस्था संचालकों ने इन पहलों की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में संचालकों ने पीजीडीसीए (PGDCA) और डीसीए (DCA) पाठ्यक्रमों को समयानुकूल अद्यतन किए जाने पर विश्वविद्यालय प्रशासन का स्वागत किया। साथ ही नव-समाविष्ट टाइपिंग विषय को लेकर अपने सुझाव और जिज्ञासाएं भी साझा कीं। संचालकों ने बीसीए (BCA) पाठ्यक्रम को भी वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन करने का अनुरोध किया, जिस पर डीन अकादमिक प्रो. मनीष माहेश्वरी ने आगामी शैक्षणिक सत्र तक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया।
इस सत्र से प्रारंभ किए गए नए सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों का भी संचालकों ने स्वागत किया। उन्होंने इन पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं उत्तीर्ण करने का सुझाव रखा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियामकीय प्रावधानों के तहत ऐसा संभव नहीं है।
बैठक के दौरान कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने संचालकों के सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए नामांकन तथा परीक्षा आवेदन (परीक्षा फॉर्म) भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की घोषणा की, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें और अध्ययन संस्थाओं को भी सुविधा मिल सके।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि विश्वविद्यालय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष मई माह के अंतिम सप्ताह में आयोजित की जाएंगी, जबकि पीजीडीसीए एवं डीसीए की परीक्षाएं जून माह के दूसरे सप्ताह में कराई जाएंगी। इसके अलावा संबद्ध अध्ययन संस्थाओं के संभागवार सम्मेलन प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे संवाद, समन्वय और गुणवत्ता संवर्धन को और अधिक गति मिलेगी।

बैठक में उपस्थित एमपीऑनलाइन की टीम ने भी संचालकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए भरोसा दिलाया कि नामांकन एवं परीक्षा आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुगम और तकनीकी रूप से निर्बाध बनाने के लिए विश्वविद्यालय के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य किया जाएगा। साथ ही अध्ययन संस्थाओं एवं विद्यार्थियों को हरसंभव तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
बैठक के आरंभ में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पी. शशिकला, निदेशक डॉ. आशीष जोशी, डीन अकादमिक प्रो. मनीष माहेश्वरी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश पाठक तथा सहायक कुलसचिव गिरीश जोशी का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। बैठक के समापन के बाद कुलगुरु ने सभी संस्था संचालकों के साथ सहभोज कर आत्मीय संवाद भी किया।
इस बैठक में नंदन जोशी, पंकज बाउस्कर, सुनील बसेर, प्रबोध रोकड़े, प्रफुल्ल उपश्याम, मोनिका मिश्रा, विक्रम बेहरे, के.एस. राजपूत, सलिल हरदेकर, आलोक दांगी, परमार, मनीष जैन, युनूस रंगरेज सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न संभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले अध्ययन संस्थाओं के संचालक उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन और संबद्ध अध्ययन संस्थाओं के बीच आयोजित यह संवाद शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, समयानुकूल और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
