– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
संगठन विस्तार, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और हिन्दी को वैश्विक पहचान दिलाने पर हुआ मंथन
पटना/नई दिल्ली 24 जुलाई: विश्व हिन्दी परिषद के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बिपिन कुमार ने संगठन के विस्तार, हिन्दी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में देशभर से जुड़े विभिन्न विशिष्ट व्यक्तित्वों ने भाग लिया और परिषद की भावी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान प्रो. बच्चा बाबू, विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र, राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. श्रवण कुमार, विशेष संपर्क समन्वयक स्वर्ण दीक्षित, महामना मालवीय मिशन (नई दिल्ली) के सदस्य, कार्यकारी समिति (दिल्ली-एनसीआर) के प्रतिनिधि हरेंद्र तथा अन्य गणमान्य लोगों ने राष्ट्रीय एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
चर्चा के प्रमुख विषयों में भारतीय संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन, संगठन का विस्तार, जनसंपर्क को मजबूत करना, सामाजिक सहभागिता बढ़ाना तथा समाज निर्माण में मीडिया की सकारात्मक भूमिका शामिल रही। उपस्थित सदस्यों ने इन विषयों पर अपने सुझाव देते हुए भविष्य की रणनीति पर भी विचार रखा।
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बिपिन कुमार ने परिषद की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि विश्व हिन्दी परिषद का उद्देश्य हिन्दी भाषा को विश्व पटल पर सशक्त पहचान दिलाना और उसके माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रीय मूल्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। उन्होंने राष्ट्रहित एवं समाजहित के कार्यों में सभी सदस्यों और हिन्दी प्रेमियों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दी परिषद देश और विदेश में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए लगातार अभियान चला रही है। परिषद से जुड़े साहित्यकार, पत्रकार, कवि, शिक्षाविद और हिन्दी प्रेमी विभिन्न देशों में हिन्दी भाषा के विकास और प्रसार के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि हिन्दी को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा मिले तथा इसका प्रभाव निरंतर बढ़े।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने भविष्य में संयुक्त रूप से हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन और समाजहित से जुड़े कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने पर सहमति व्यक्त की। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई।

