पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर 27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल, 8 लाख कर्मी होंगे शामिल

Live ख़बर

Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

पटना | 22 जनवरी 2026

बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग के समर्थन में 27 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल में देशभर के लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी भाग लेंगे, जिससे सार्वजनिक, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।

UFBU में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की कुल 9 प्रमुख यूनियनें शामिल हैं, जो इस हड़ताल को लेकर एकजुट हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से लंबे समय से कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

UFBU में शामिल प्रमुख यूनियनें

  • ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज़ एसोसिएशन (AIBEA)
  • ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC)
  • नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉयीज़ (NCBE)
  • ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA)
  • बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI)
  • इंडियन नेशनल बैंक एम्प्लॉयीज़ फेडरेशन (INBEF)
  • इंडियन नेशनल बैंक ऑफिसर्स कांग्रेस (INBOC)
  • नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW)
  • नेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO)

क्या है कर्मचारियों की मुख्य मांग

UFBU की प्रमुख मांग बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की है। इसके तहत दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा शेष सभी शनिवारों को भी अवकाश घोषित करने की मांग की जा रही है। यह मांग भारतीय बैंक संघ और UFBU के बीच 7 दिसंबर 2023 को हुए समझौता ज्ञापन तथा 8 मार्च 2024 के सेटलमेंट/जॉइंट नोट में की गई सिफारिशों के अनुरूप बताई जा रही है।

यूनियन नेताओं ने बताया कि वर्ष 2015 के 10वें द्विपक्षीय समझौते के समय यह आश्वासन दिया गया था कि भविष्य में शेष शनिवारों को अवकाश देने पर विचार किया जाएगा। इसके बाद 2022 और 2023 में सरकार, IBA और UFBU के बीच हुई बैठकों में यह सहमति बनी थी कि सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन कार्य समय में 40 मिनट की वृद्धि कर सभी शनिवारों को अवकाश दिया जाएगा। यह प्रस्ताव विधिवत सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो वर्षों से स्वीकृति लंबित है।

पहले भी हो चुकी है हड़ताल की घोषणा

सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय न आने पर UFBU ने पहले 24 और 25 मार्च 2025 को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की थी। उस समय सरकार द्वारा “मामला विचाराधीन है” का आश्वासन दिए जाने पर हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई निर्णय न होने से बैंक कर्मियों में उपेक्षा और भेदभाव की भावना गहराती जा रही है।

भेदभाव का आरोप

UFBU ने यह भी स्पष्ट किया कि आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी, केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय, स्टॉक एक्सचेंज, मनी मार्केट और विदेशी मुद्रा से जुड़े संस्थान पहले से ही सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। बैंकों में भी दूसरे और चौथे शनिवार अवकाश की व्यवस्था लागू है। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने के कारण ग्राहकों को अधिक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

यूनियन का कहना है कि केवल बैंक कर्मचारियों के साथ ही अलग व्यवहार किया जा रहा है, इसी कारण 27 जनवरी 2026 को हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।

UFBU ने बैंक ग्राहकों से अपील की है कि हड़ताल के दौरान उत्पन्न होने वाली असुविधा के लिए वे सहयोग और समझदारी बनाए रखें।

यह जानकारी AIBOC बिहार इकाई के सचिव अमरेश विक्रमादित्य की ओर से साझा की गई।

JOIN US