अरविंद प्रकाश : समाचार संपादक, दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली – 10 नवम्बर, 2025 : सोमवार शाम करीब सात बजे दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कार में जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी कई कारें आग की चपेट में आ गईं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस विस्फोट में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 28 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज लोकनायक अस्पताल में चल रहा है।
- धमाके के बाद दिल्ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
- एनआईए, एनएसजी और एफएसएल की टीमों ने जांच शुरू कर दी है।
- विस्फोट की चपेट में आए कई वाहनों के शीशे टूट गए, सड़क पर मलबा और आग का धुआं फैल गया।
- धमाके की आवाज आईटीओ चौराहे तक सुनी गई।
कार हरियाणा के नाम पर रजिस्टर्ड, कई हाथों से होकर पहुंची दिल्ली
पुलिस जांच में पता चला कि जिस कार (HR-26-CE 7674) में विस्फोट हुआ, वह गुरुग्राम निवासी सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी। सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसने बताया कि कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेची गई थी, जिसने आगे इसे अंबाला में किसी तीसरे व्यक्ति को बेचा। बाद में यह कार पुलवामा निवासी तारिक के पास पहुंची थी।
घटना स्थल पर UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट की जांच कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16, 18 और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया दुख, अफवाहों से बचने की अपील
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा — “लाल किले के पास कार विस्फोट की घटना अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूँ। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ। सभी दिल्लीवासियों से अपील है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।”
हिरासत और जांच का नया मोड़
गुरुग्राम पुलिस ने सलमान नामक युवक को हिरासत में लिया है, जो शिवाजी नगर थाना क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ में सलमान ने कार बेचने की बात स्वीकार की है। जांच सीआईए मानेसर प्रभारी ललित के नेतृत्व में चल रही है, वहीं दिल्ली की स्पेशल सेल भी शामिल है।
मरने वालों और घायलों की पहचान जारी
घटना में मारे गए और घायल लोगों की सूची इस प्रकार है:
- शाइना परवीन (23), दिल्ली
- हर्षुल (28), उत्तराखंड
- शिवा जायसवाल (32), देवरिया, यूपी
- समीर (26), दिल्ली
- जोगिंदर (28), नंद नगरी, दिल्ली
- भवानी शंकर सामरा (30), संगम विहार, दिल्ली
- अज्ञात (35)
- गीता (26), दिल्ली
- विनय पाठक (50), आया नगर, दिल्ली
- पप्पू (53), आगरा, यूपी
- विनोद (55), बैतजीत नगर, दिल्ली
- शिवम झा (21), उस्मानपुर, दिल्ली
- अज्ञात (अमन) (26)
- मोहम्मद शहनवाज़ (35), दरियागंज, दिल्ली
- अंकुश शर्मा (28), शाहदरा, दिल्ली
- अशोक कुमार (34), अमरोहा, यूपी
- अज्ञात (35)
- मोहम्मद फारुख (55), दरियागंज, दिल्ली
- तिलक राज (45), हमीरपुर, हिमाचल
- अज्ञात (52)
- अज्ञात (58)
- अज्ञात (28)
- अज्ञात (30)
- मोहम्मद सफवान (28), सीता राम बाजार, दिल्ली
- अज्ञात (35)
- मोहम्मद दाऊद (31), लोनी, गाज़ियाबाद
- किशोरी लाल (42), कश्मीरी गेट, दिल्ली
- आज़ाद (34), करताल नगर, दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “दिल्ली में हुए विस्फोट में अपनों को खोने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। स्थिति की समीक्षा की जा रही है।”
गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटनास्थल का दौरा करने की घोषणा की और कहा कि “सभी संभावनाओं पर जांच की जा रही है, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।”
फॉरेंसिक जांच में ‘अत्याधुनिक विस्फोट’ के संकेत
एनआईए और एफएसएल की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि धमाका अत्याधुनिक तकनीक से किया गया।
- इस्तेमाल किया गया विस्फोटक बेहद शक्तिशाली था।
- डिवाइस की संरचना से स्पष्ट है कि इसे चोट पहुंचाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया।
- विस्फोट को संभवतः रिमोट या सेंसर-आधारित ट्रिगर से अंजाम दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह हमला किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, ड्रोन मूवमेंट और डिजिटल सिग्नल की गहन जांच की जा रही है।
यह धमाका न केवल राजधानी की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश की शहरी सुरक्षा प्रणाली को अब और अधिक तकनीकी रूप से मजबूत करने की आवश्यकता है।
