– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
संस्कृत दिवस पर देववाणी के प्रचार-प्रसार और दैनिक उपयोग को बढ़ाने का संकल्प, 615 प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
बोकारो | 30 अगस्त 2026: संस्कृत भारती, बोकारो के तत्वावधान में स्वर्गीय राम प्रताप दुबे स्मृति संस्कृत प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण समारोह रविवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजेंद्र उपाध्याय के वैदिक मंत्रोच्चार, मां सरस्वती और स्वर्गीय राम प्रताप दुबे के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
समारोह में विभिन्न विद्यालयों में आयोजित संस्कृत प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। वक्ताओं ने संस्कृत के पुनरुत्थान, प्रचार-प्रसार और दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक उपयोग के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
संस्कृत को जनगणना में ज्ञात भाषा के रूप में दर्ज कराने पर जोर
मुख्य वक्ता कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रो. डॉ. चंद्रकांत शुक्ल ने संस्कृत को राष्ट्रभाषा बनाए जाने संबंधी संविधान सभा के ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत को जनगणना में ज्ञात भाषा के रूप में दर्ज कराया जाना चाहिए। उन्होंने देश में सभी विद्यार्थियों को संस्कृत पढ़ाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
संस्कृत के सशक्तीकरण से संस्कृति की रक्षा
अतिविशिष्ट अतिथि एवं गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद रवीन्द्र पांडेय ने स्वर्गीय राम प्रताप दुबे से अपने पारिवारिक संबंधों को याद किया। उन्होंनेकहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति को सुरक्षित रखना है तो संस्कृत को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ी भाषा है और अपनी मूल परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए।
झारखंड अधिविद्य परिषद के पूर्व सदस्य डॉ. दीपचंदराम कश्यप, श्री सिद्धेश्वरी संस्कृत महाविद्यालय, पचरुखिया, भोजपुर के प्राचार्य डॉ. सुरेश पाण्डेय, समारोहाध्यक्ष समाजसेवी भगीरथ शर्मा तथा संस्कृत भारती, बोकारो के संरक्षक एवं कार्यक्रम प्रायोजक संतोष कुमार दुबे ने भी विचार रखे।
205 विजेताओं सहित 615 प्रतिभागी सम्मानित
समारोह में विभिन्न संस्कृत प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 205 विजेताओं सहित कुल 615 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र, पदक और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। निर्णायकों, संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं और अन्य सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया।
स्वर्गीय पंडित राम प्रताप दुबे के मित्र रहे सुनील कुमार तिवारी, ईश्वरी दत्त पांडेय और उपेंद्रनाथ पांडेय सहित अन्य लोगों को भी सम्मानित किया गया।
उद्घाटन सत्र का संचालन प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, चास के संस्कृत शिक्षक डॉ. हरिश्चंद्र झा और प्रतियोगिता कार्यक्रम के संयोजक डॉ. श्रीहरि पाण्डेय ने किया। पुरस्कार वितरण समारोह का संचालन संस्कृत भारती, धनबाद क्षेत्र के संयोजक डॉ. विनय कुमार पाण्डेय ने किया। संस्कृत भारती, बोकारो के अध्यक्ष डॉ. रामनारायण सिंह ने अतिथियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया।

