– रंजीत प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
कदमकुआं में 15 दिवसीय पुस्तक चौदस मेला व हिंदी पखवाड़े का आगाज, पुस्तकों पर मिल रही 60% तक छूट
पटना, 01 सितंबर 2026: कदमकुआं स्थित बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन परिसर में मंगलवार को 15 दिवसीय ‘पुस्तक चौदस मेला’ एवं ‘हिंदी पखवाड़ा’ की शुरुआत हुई। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति को ज्ञान देने के साथ मन का रंजन और जीवन में नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने देश के पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में संपर्क भाषा के रूप में हिंदी के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया।
समारोह के मुख्य अतिथि बिहार राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार ने कहा कि ज्ञान विस्तार के लिए पुस्तक और पुस्तकालयों से जुड़ना आवश्यक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने लोगों से मेले से पुस्तकें खरीदकर घर ले जाने का आह्वान किया। इस अवसर पर महान हिंदी-सेवी फादर कामिल बुल्के और राष्ट्रभाषा-प्रहरी नृपेंद्रनाथ गुप्त की जयंती भी मनाई गई।
मेले में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT), साहित्य सम्मेलन के प्रकाशन विभाग और प्रमुख स्थानीय प्रकाशकों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पाठकों के लिए पुस्तकों पर 10 से 60 प्रतिशत तक की छूट उपलब्ध कराई जा रही है।
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