– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मूसलाधार बारिश में भी डटे रहे बैंककर्मी, पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यदिवस लागू करने की मांग; 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बोकारो, 11 सितंबर 2026: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को बोकारो जिले में बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के कारण जिलेभर की तमाम बैंक शाखाओं और प्रशासनिक कार्यालयों में शत-प्रतिशत तालाबंदी रही। हड़ताल के चलते अकेले बोकारो जिले में करीब 200 करोड़ रुपये का वित्तीय कारोबार प्रभावित होने का दावा किया गया। इससे सामान्य लेन-देन, चेक क्लीयरेंस और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
मौसम के तल्ख तेवर और मूसलाधार बारिश के बावजूद बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ। चास, बोकारो स्टील सिटी और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों बैंककर्मी सेक्टर-4 स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के समीप एकत्रित हुए। यहां से कर्मचारियों ने विशाल हुंकार रैली निकाली। रैली सिटी सेंटर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए भारतीय स्टेट बैंक, सेक्टर-4 के मुख्य द्वार पर पहुंची, जहां यह महासभा में तब्दील हो गई।
प्रदर्शन के दौरान महिला कर्मियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। बारिश के बीच बैंककर्मी सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
बैंककर्मियों के साथ छलावा बर्दाश्त नहीं : सिद्धेश
एसबीआई परिसर में आयोजित सभा में यूएफबीयू के जिला संयोजक सिद्धेश नारायण दास समेत विभिन्न बैंक यूनियनों के नेताओं ने केंद्र सरकार के वित्तीय सेवा निदेशालय पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
वक्ताओं ने कहा कि इंडियन बैंक एसोसिएशन के साथ हुए समझौते को दरकिनार कर कर्मचारियों के साथ छल किया गया है। नेताओं के अनुसार, 93 प्रतिशत कर्मचारियों और स्केल-3 तक के अधिकारियों को मात्र 15 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव दिया जा रहा है, जबकि स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों को 365 दिन का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसे बैंककर्मियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताते हुए नेताओं ने इसका विरोध किया।
वक्ताओं ने कहा कि 8 और 9 सितंबर को केंद्रीय श्रमायुक्त के समक्ष हुई वार्ता में भी इस भेदभाव को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।
पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यदिवस लागू करने की मांग
नेताओं राघव कुमार सिंह, सिद्धेश नारायण दास, राजीव कुमार सिंह आदि ने कहा कि वर्ष 2024 में ही पांच दिवसीय कार्यदिवस को लेकर समझौता हो चुका है। बैंककर्मी इसके लिए प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं। उन्होंने आरबीआई और अन्य वित्तीय संस्थानों की तर्ज पर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की मांग की।
नेताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की कमी के कारण काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नई बहालियों पर भी सरकार को सार्थक निर्णय लेना चाहिए।
मांगें नहीं मानी गईं तो तीन दिवसीय हड़ताल
बैंक यूनियन नेताओं ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने भेदभावपूर्ण रवैया छोड़कर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और नई बहालियों के संबंध में सार्थक फैसला नहीं लिया, तो 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
नेताओं ने आगे कहा कि इसके बाद भी यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो 26 अक्टूबर 2026 से देशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
प्रदर्शन और सभा में कृष्ण मुरारी, मिथलेश कुमार, सुधीर कुमार, सुबोध रजक, राजेश ओझा, विभाष झा, पंकज कुमार, प्रदीप झा, राकेश मिश्रा, अवधेश प्रसाद, नीरज तिवारी, राजेश श्रीवास्तव, अरुण कुमार, उर्मिला कुमारी सहित सैकड़ों बैंक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
