एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
समाहरणालय में मना हिंदी दिवस, प्रशासनिक कार्यों में सरल हिंदी के प्रयोग का लिया गया संकल्प
पटना, 16 सितंबर 2026: हिंदी केवल संवाद और संप्रेषण की भाषा नहीं, बल्कि भारत के जनमानस, उनकी सभ्यता, संस्कृति और संवेदनाओं से गहराई से जुड़ी भाषा है। यह बातें जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने समाहरणालय सभागार में आयोजित हिंदी दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि हिंदी की सरलता, सहजता और आत्मीयता इसे जन-जन के हृदय से जोड़ती है। शिक्षा, प्रशासन, तकनीक और संचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने नई पीढ़ी से समृद्ध हिंदी साहित्य से जुड़ने का आह्वान किया।
उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने प्रशासनिक कार्यों में सहज और सरल हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह आम जनता की भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है। अपर समाहर्ता खगेश चंद्र झा ने कहा कि प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में सरल हिंदी की भूमिका बेहद प्रभावी है।
अपर समाहर्ता रविंद्र कुमार दिवाकर ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में हिंदी के ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक शैलेंद्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता अर्शी शाहीन और देवज्योति सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दैनिक सरकारी कामकाज में सरल हिंदी के अधिकतम उपयोग का संकल्प लिया।
