एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण में हिंदी पखवाड़े का आगाज, एआई और डिजिटल टूल्स के उपयोग पर मंथन
उदयपुर, 16 सितंबर 2026: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (एंथ्रोपॉलिजिकल सर्वे ऑफ इंडिया), पश्चिमी क्षेत्रीय केंद्र, उदयपुर में हिंदी पखवाड़े का विधिवत शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. कुंजन आचार्य रहे, जबकि अध्यक्षता कार्यालय प्रमुख डॉ. निलांजन खटुआ ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में “तकनीकी दौर में हिंदी का बदलता स्वरूप” विषय पर विचार रखते हुए डॉ. कुंजन आचार्य ने कहा कि डिजिटल क्रांति और आधुनिक तकनीकी विस्तार ने हिंदी के प्रसार को नई गति दी है। इंटरनेट, सोशल मीडिया, वॉइस टाइपिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नई पीढ़ी हिंदी को सहजता और नए दृष्टिकोण के साथ अपना रही है। तकनीक से भाषा की शुद्धता कम नहीं होती, बल्कि उसका दायरा और संप्रेषणीयता कई गुना बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ डॉ. विशेष कुमार सिंह ने विशेष प्रस्तुति के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और आधुनिक भाषा मॉडल्स के माध्यम से हिंदी की विकास यात्रा, अनुवाद प्रणाली, कंटेंट क्रिएशन और प्रशासनिक कार्यों में इसके प्रभावी उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला।
समारोह के आरंभ में राजभाषा प्रभारी अजय चौधरी ने 15 दिनों तक चलने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं (आशु-भाषण, प्रश्न मंच, भाषा ज्ञान आदि) की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यालय प्रमुख डॉ. निलांजन खटुआ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दैनिक शासकीय कामकाज में अधिक से अधिक हिंदी प्रयोग का संकल्प दिलाया।
