–लाइव ख़बर नेशन || राजेश मोहन सहाय
364 करोड़ रुपये की लंबित राशि पर फूटा गुस्सा, कहा—छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे हेमंत सरकार
रांची, 3 अक्टूबर 2026: झारखंड में अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के भुगतान में हो रही देरी को लेकर एक बार फिर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के रांची जिला एसटी/एससी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अमर कुमार मुंडा ने छात्रवृत्ति वितरण में हो रहे विलंब पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों के लिए यह राशि सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनकी पढ़ाई जारी रखने का मुख्य सहारा है। समय पर राशि न मिलने से छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक संकट बढ़ रहा है।
अमर मुंडा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रवृत्ति में देरी बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को प्रभावित कर रही है, इसलिए सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में करीब 364 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति लंबित थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने 250 करोड़ रुपये जारी किए हैं। कल्याण विभाग ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए राशि खातों में भेजने की बात कही है। ई-कल्याण पोर्टल के अनुसार, यह योजना कक्षा 1 से 10 तक के एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को लाभान्वित करती है। अमर मुंडा ने मांग की कि सत्यापित आवेदनों का भुगतान बिना किसी देरी के हो और सरकार अब तक हुए भुगतान व लंबित आवेदनों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करे।
