खनन सुरक्षा और आधुनिक ब्लास्टिंग तकनीक पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आगाज़

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

राँची, 14 नवम्बर 2025 : रांची में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) द्वारा महानिदेशालय खान सुरक्षा (DGMS) के सहयोग से आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी “खानों में विस्फोटकों एवं ब्लास्टिंग प्रौद्योगिकी के नवीनतम उपयोग और भविष्य की दिशा” का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। 14 और 15 नवंबर 2025 तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन महानिदेशक उज्ज्वल ताह सहित विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में अच्युत घटक, एस. एस. प्रसाद, आर. टी. मांडेकर, सी. एस. तिवारी और शंकर नागाचारी सहित खनन क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन के बाद सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डीएवी गांधीनगर के विद्यार्थियों की गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद कोल इंडिया का कॉर्पोरेट गीत प्रस्तुत किया गया।

इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, विस्फोटक और ब्लास्टिंग तकनीक में दक्षता बढ़ाना और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देना है। खनन गतिविधियों में तेजी से बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए यह आयोजन तकनीकी आदान-प्रदान और वैज्ञानिक शोध के लिए एक महत्वपूर्ण मंच की तरह काम कर रहा है।

कार्यक्रम के पहले दिन तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें देशभर से आए विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने ब्लास्ट डिजाइन, आधुनिक विस्फोटक, सुरक्षा उपाय, ड्रिलिंग–ब्लास्टिंग की कार्यकुशलता और खनन संचालन में उभर रही चुनौतियों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इस अवसर पर अच्युत घटक ने विभिन्न कंपनियों द्वारा लगाए गए तकनीकी स्टॉलों का उद्घाटन किया और आधुनिक उपकरणों व तकनीकी नवाचारों का अवलोकन किया।

संगोष्ठी को खनन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, क्योंकि यह न केवल नई तकनीकों की समझ विकसित करती है, बल्कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। यह आयोजन आने वाले समय में ब्लास्टिंग प्रौद्योगिकी को अधिक सुरक्षित, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-संतुलित बनाने में सार्थक भूमिका निभाने की उम्मीद जगाता है।