धर्मेंद्र की गुमनाम विदाई: फैंस अभी भी सदमे में, जानिए क्यों नहीं मिल पाया राजकीय सम्मान

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

Mumbai | Dharmendra Death News : करीब छह दशक तक हिंदी सिनेमा पर राज करने वाले सुपरस्टार धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। निधन की जानकारी सामने आते ही उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल धर्मेंद्र की विदाई इतनी “गुपचुप” क्यों हुई? और उन्हें राजकीय सम्मान क्यों नहीं दिया गया?

गुप्त रखा गया निधन, अंतिम संस्कार की जानकारी बाद में आई

धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार मुंबई के पवनहंस श्मशान भूमि में किया गया, जहां उनके बड़े बेटे सनी देओल ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अभिषेक बच्चन जैसे कई दिग्गज पहुंचे।

लेकिन फैंस के लिए सबसे बड़ी कसक यह रही कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तब तक लगभग पूरी हो चुकी थी, जब तक धर्मेंद्र के निधन की सूचना सार्वजनिक रूप से फैली। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले ‘धरम पाजी’ को अंतिम दर्शन भी न मिल सकना फैंस के लिए सदमे जैसा रहा।

राजकीय सम्मान क्यों नहीं मिला? क्या है प्रोटोकॉल?

धर्मेंद्र जैसे कलाकार को राजकीय सम्मान मिलने की उम्मीद कई लोगों को थी, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। इसका कारण क्या रहा, समझिए आसान भाषा में:

1. परिवार या प्रतिनिधि को सरकारी विभागों को सूचना देनी होती है

राजकीय सम्मान का निर्णय राज्य सरकार, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) या केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) लेता है।
इसके लिए सामान्यतः परिवार या अधिकृत प्रतिनिधि को निधन की सूचना औपचारिक रूप से देनी होती है।

2. सरकार खुद भी निर्णय ले सकती है-पर खबर मिलना जरूरी

बहुत सी स्थितियों में सरकार मीडिया या प्रशासनिक चैनलों के माध्यम से निधन की पुष्टि मिलते ही निर्णय ले लेती है।
लेकिन यह तभी संभव है जब जानकारी समय पर मिले।

3. आदेश जारी होते ही जिला प्रशासन करता है तैयारी

राजकीय सम्मान के लिए:

  • आधिकारिक सरकारी आदेश जारी किया जाता है
  • पुलिस और जिला प्रशासन को गार्ड ऑफ ऑनर, शोक सलामी, तिरंगे आदि की तैयारी करने को कहा जाता है
  • और परिवार से समय व स्थान की सहमति ली जाती है

यह पूरा प्रोसेस कम से कम कुछ घंटे लेता है।

धर्मेंद्र के मामले में क्या हुआ?

सूत्रों और उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • निधन की खबर सुबह तक गुप्त रखी गई।
  • अंतिम संस्कार की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी थी।
  • लगभग 1:10 बजे न्यूज एजेंसी ने निधन की खबर ब्रेक की,
  • लेकिन 1:20 बजे तक धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार हो चुका था।

ऐसे में सरकार तक सूचना समय पर नहीं पहुंच पाई या राजकीय सम्मान की औपचारिक तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल सका – यही मुख्य कारण माना जा रहा है। परिवार की ओर से अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

फैंस की भावनाएँ: “ऐसा विदा होने की उम्मीद नहीं थी”

‘ही-मैन’ धर्मेंद्र की लोकप्रियता किसी परिचय की मोहताज़ नहीं थी। फैंस का कहना है कि अगर अंतिम यात्रा सार्वजनिक रूप से आयोजित होती तो पूरा मुंबई शहर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ता।