Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना | 15 जनवरी 2026
दिव्य जीर्णोद्धार फाउंडेशन ने अपना तीसरा स्थापना दिवस पटना में हर्षोल्लास, गरिमा और सामाजिक चेतना के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसकी अध्यक्षता जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने की। आयोजन के दौरान बीते तीन वर्षों की सामाजिक यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
फाउंडेशन के निदेशक डॉ. राकेश दत्त मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था ने अल्प समय में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए गए कार्यों का क्रमवार विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में निदेशिका सुनीता पाण्डेय और उपाध्यक्षा डॉ. ऋचा दुबे ने महिलाओं और बच्चों से जुड़े अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और सहयोगात्मक पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता करना नहीं, बल्कि समाज को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है।
स्थापना दिवस समारोह की प्रमुख बातें
- शिक्षा, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर निरंतर अभियान
- पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता पर विशेष जोर
- धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जनसहभागिता
- सेवा को कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर साधना मानने की सोच
उपाध्यक्षा डॉ. ऋचा दुबे ने कहा कि तीसरा स्थापना दिवस केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि उन संकल्पों और प्रयासों का उत्सव है, जिन्होंने समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा दिखाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में संस्था का प्रभाव और व्यापक होगा।
अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि फाउंडेशन की स्थापना सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना से की गई थी। पहले वर्ष में संगठन को सशक्त आधार मिला, दूसरे वर्ष में कार्यों का विस्तार हुआ और तीसरे वर्ष में योजनाएं अधिक संगठित, पारदर्शी और स्थायी स्वरूप में सामने आईं।
निदेशिका सुनीता पाण्डेय ने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि आने वाले समय में—
- शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक कार्यक्रम
- ग्रामीण और वंचित वर्गों तक सेवाओं का विस्तार
- दीर्घकालिक सामाजिक-सांस्कृतिक योजनाओं का क्रियान्वयन
- युवाओं को सेवा से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी
कार्यक्रम के समापन पर रमेश कुमार ने कहा कि फाउंडेशन की तीन वर्ष की यात्रा यह साबित करती है कि सच्चे संकल्प और समाज के सहयोग से परिवर्तन संभव है। स्थापना दिवस के अवसर पर सभी सदस्यों और सहयोगियों को शुभकामनाएं दी गईं और सेवा की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
