– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
सेल ने किया स्वागत, लौह-अयस्क की उपलब्धता और खनिज सुरक्षा बढ़ाने में बताया महत्वपूर्ण कदम
बोकारो, 20 अगस्त। देश की महारत्न इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने केंद्र सरकार की ओर से अधिसूचित खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 का स्वागत किया है। कंपनी ने संशोधन को भारतीय खनिज क्षेत्र में वित्तीय व्यवस्था को अधिक स्पष्ट बनाने और दीर्घकालिक नीतिगत स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सेल के अनुसार, संशोधित प्रावधानों से खनिज कराधान और शुल्क व्यवस्था में स्पष्टता एवं एकरूपता आने की उम्मीद है। साथ ही, पूर्व में प्रभावी और लंबित कर मामलों के समाधान से खनन क्षेत्र में निवेशकों का भरोसा बढ़ने तथा व्यावसायिक स्थिरता मजबूत होने की संभावना है।
कैप्टिव खदानों के विकास को मिलेगी गति
सेल के पास लौह-अयस्क और कोयले की बड़ी कैप्टिव खदानें हैं। कंपनी का मानना है कि नए नीतिगत सुधार से खनन परिचालन की आर्थिक व्यवहार्यता मजबूत होगी। स्थिर और पारदर्शी व्यवस्था से नए निवेश, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल तथा खदानों के विकास में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
सेल के अनुसार, इससे कच्चे माल की दीर्घकालिक सुरक्षा मजबूत होगी और उपलब्ध खनिज संसाधनों का अधिक कुशल उपयोग संभव होगा। लौह-अयस्क उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
घरेलू लौह-अयस्क की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद
संशोधन के संभावित प्रभावों में घरेलू बाजार में लौह-अयस्क की उपलब्धता बढ़ना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेल अपनी कैप्टिव खदानों के विकास के बाद लागू सरकारी नियमों के तहत अतिरिक्त लौह-अयस्क को खुले बाजार में उपलब्ध करा सकती है।
इससे घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने और भारतीय इस्पात उद्योग को स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इससे लौह-अयस्क के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है तथा देश की खनिज और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है।
आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध सेल
सेल ने कहा है कि वह देश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी ने आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अपने खनिज संसाधनों के जिम्मेदार, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ विकास पर जोर देने की बात कही है।
कंपनी का लक्ष्य कच्चे माल की दीर्घकालिक सुरक्षा के साथ घरेलू बाजार में लौह-अयस्क की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि देश के इस्पात क्षेत्र को मजबूती मिले और औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा सके।

