Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
पटना | 11 मार्च 2026
बिहार की राजनीति में हाल ही में सक्रिय हुए मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar बुधवार को पहली बार जनता दल (यूनाइटेड) के पार्टी कार्यालय पहुंचे। 8 मार्च को पार्टी की सदस्यता लेने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक दौरा था।
पटना स्थित पार्टी कार्यालय में पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान “सीएम नीतीश जिंदाबाद” और “निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के मंत्री Sunil Kumar भी उनके साथ मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं से की मुलाकात, सुनी लोगों की समस्याएं
जेडीयू कार्यालय पहुंचने के बाद निशांत कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और जनता की समस्याओं को सुना।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी कार्यालय में हर बुधवार को जनता दरबार आयोजित होता है, जहां आम लोगों की समस्याओं को सुना जाता है।
मुख्य बातें:
- जनता दरबार के तहत लोगों की समस्याएं सुनी गईं।
- पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई।
- संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई।
पार्टी कार्यालय में उनके आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखी गई।
निशांत को मुख्यमंत्री बनाने की मांग पर प्रतिक्रिया
इस दौरान मीडिया ने मंत्री Sunil Kumar से सवाल किया कि जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच निशांत कुमार को भविष्य का मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा हो रही है।
इस पर उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह की भावना होना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने इस पर कोई औपचारिक राजनीतिक घोषणा नहीं की।
जेडीयू में शामिल होने के बाद लिया था आशीर्वाद
8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद Nishant Kumar ने सबसे पहले अपने पिता Nitish Kumar से आशीर्वाद लिया था और उन्हें मिठाई खिलाई थी। इसके बाद उन्होंने परिवार के अन्य बुजुर्गों का भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
हाल ही में कंकड़बाग स्थित Manju Sinha Park में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अपनी मां को याद करते हुए कहा था कि उनकी कमी हमेशा महसूस होती है और उनका आशीर्वाद हमेशा साथ बना रहे।
बिहार की राजनीति में बढ़ी चर्चा
निशांत कुमार के जेडीयू में सक्रिय होने और पार्टी कार्यालय पहुंचने के बाद बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके सक्रिय होने से पार्टी संगठन और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
