राजस्व व कल्याण कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश

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Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher

बोकारो | 11 मार्च 2026

जिला समाहरणालय के सभागार में बुधवार को राजस्व और कल्याण विभाग से जुड़ी योजनाओं और कार्यों की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता Mumtaz Ansari ने की, जिसमें वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण को देखते हुए राजस्व संग्रहण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजस्व वसूली की गति तेज की जाए और निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। कई विभागों की उपलब्धियों की समीक्षा के बाद अपर समाहर्ता ने संबंधित अधिकारियों को शेष दिनों में योजनाबद्ध ढंग से काम करने का निर्देश दिया।

राजस्व संग्रहण की स्थिति पर नाराजगी

समीक्षा के क्रम में कुछ विभागों की उपलब्धि अपेक्षा से कम पाई गई, जिस पर प्रशासन ने असंतोष व्यक्त किया।

प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे:

  • निबंधन विभाग (बेरमो) की उपलब्धि लक्ष्य से कम पाई गई।
  • चास नगर निगम के राजस्व संग्रह की गति भी धीमी रही।
  • जिला मत्स्य विभाग का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
  • संबंधित अधिकारियों को अविलंब सुधार करने की चेतावनी दी गई।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्व संग्रहण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

विभिन्न विभागों के कार्यों की हुई समीक्षा

राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा में शामिल प्रमुख विभाग:

  • वाणिज्यकर विभाग
  • खनन विभाग
  • उत्पाद विभाग
  • परिवहन विभाग
  • बाजार समिति

इन विभागों को भी वित्तीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

लंबित दाखिल-खारिज मामलों को शीघ्र निपटाने का निर्देश

बैठक में भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए 30 से 90 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) मामलों पर चिंता जताई गई।

अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि:

  • लंबित म्यूटेशन मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
  • समयबद्ध तरीके से दाखिल-खारिज प्रक्रिया पूरी की जाए।
  • नवनियुक्त अंचल निरीक्षक कार्यप्रणाली को समझते हुए अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं।

इसके अलावा सक्सेशन, पार्टिशन, भूमि सीमांकन (लैंड डिमार्केशन) और डीसीएलआर स्तर पर लंबित म्यूटेशन अपील जैसे मामलों पर भी विस्तार से दिशा-निर्देश दिए गए।

आदिवासी गांवों में पारंपरिक व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

कल्याण शाखा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए अपर समाहर्ता Mumtaz Ansari ने जिले के आदिवासी गांवों में पारंपरिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:

  • मानकी मुंडा, मांझी बाबा, जोग मांझी, भगलोन और गुड़ैत जैसे पारंपरिक पदधारकों की पहचान की जाए।
  • ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित कर इनकी पुष्टि की जाए।
  • 15 दिनों के भीतर सत्यापन प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:

  • Mukesh Machhua
  • सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी Avinash Kumar Singh
  • जिले के सभी अंचलाधिकारी
  • अंचल निरीक्षक
  • प्रखंड कल्याण पदाधिकारी

प्रशासन की इस समीक्षा बैठक को वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति और प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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