-संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
आधुनिक तकनीक और शोध से जुड़कर जन-जन तक पहुंचेगा आयुर्वेद: स्वास्थ्य मंत्री निशांत
पटना, 23 सितंबर 2026। राज्य आयुष समिति, स्वास्थ्य विभाग द्वारा ज्ञान भवन में 11वें आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर भव्य राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया। कार्यक्रम में राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, कदमकुआं के गौरवशाली इतिहास और आयुर्वेद को आधुनिक प्रमाण-आधारित चिकित्सा से जोड़ने पर केंद्रित एक वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन किया गया।
समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आयुष निदेशक डॉ. वरूण कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. महेश महतो, डॉ. भगवान सिंह, डॉ. दिपाली सुन्दरी वर्मा, जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी (नालंदा) डॉ. रत्नेश्वर शर्मा, पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. गिन्नी जाखनवाल तथा एड्स कंट्रोल सोसाइटी के सहायक निदेशक आलोक कुमार सिंह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य में 294 आयुष आरोग्य मंदिर व अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। आयुर्वेदिक दवाओं को आवश्यक दवा सूची (ईडीएल) में शामिल करने पर काम जारी है, ताकि मरीजों को निःशुल्क दवाएं मिल सकें। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों व जिला अस्पतालों में आयुर्वेद का अलग विंग बनाने, चिकित्सा व्यवस्था के डिजिटलीकरण तथा एआई और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने ‘संतुलन’ को आयुर्वेद का मूल आधार बताते हुए निवारक स्वास्थ्य और प्रमाण-आधारित शोध को जनविश्वास की कुंजी बताया। इससे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने रक्तदान वैन और राजकीय आयुर्वेद कॉलेज की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में विशेष सचिव अरविंद कुमार वर्मा, राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक वैभव चौधरी, अपर सचिव शंभू शरण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक और शोधकर्ता उपस्थित रहे।
